शाहजहांपुर: 45 दिन बाद कब्र से निकाला शव, …अब खुलेगा मौत का राज
शाहजहांपुर, अमृत विचार। शहर के मोहल्ला महमंदगढ़ी में जिस आदिल की संदिग्ध मौत को लेकर हत्या के आरोप लगाए जा रहे थे, आखिरकार 45 दिन बाद डीएम के आदेश पर कब्र से उसका शव निकाल लिया गया। अब पोस्टमार्टम के बाद आदिल की मौत का राज सामने आएगा। चौक कोतवाली के मोहल्ला महमंद गढ़ी निवासी …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। शहर के मोहल्ला महमंदगढ़ी में जिस आदिल की संदिग्ध मौत को लेकर हत्या के आरोप लगाए जा रहे थे, आखिरकार 45 दिन बाद डीएम के आदेश पर कब्र से उसका शव निकाल लिया गया। अब पोस्टमार्टम के बाद आदिल की मौत का राज सामने आएगा। चौक कोतवाली के मोहल्ला महमंद गढ़ी निवासी 35 वर्षीय आदिल खान पुत्र स्वर्गीय निसार अहमद अपने चाचा इमरान के साथ रहता था। आदिल के पिता की मौत के बाद मां की भी मौत हो चुकी थी, उसके साथ एक भाई और रहता है।
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बताया जा रहा है कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है।16 सितंबर को आदिल का शव मकान के दूसरी मंजिल पर कमरे में पंखे के कुंडे से दुपट्टे से लटका मिला था। चाचा इमरान आदि ने पुलिस को सूचना दिए बिना आदिल के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। इधर आदिल की मौत की जानकारी जब उसकी मौसी रूबी पत्नी स्वर्गीय जहीर व आरसी पत्नी स्वर्गीय नफीस अहमद निवासी ककरा थाना सदर बाजार को लगी। मौसी रूबी कई साल से देहरादून में रहती हैं।
इसलिए उनके आने पर दोनों मौसियों ने इमरान के घर पहुंचकर आदिल की मौत की जानकारी ली और साथ ही इस बात की शिकायत भी की, कि उन्हें आदिल के मरने की सूचना क्यों नहीं दी गई और शव को भी कब्र में दफना दिया। इस पर उन्हें आदिल की मौत पर संदेह हो गया और उन्होंने अनहोनी की आशंका जाहिर की। आरोप है कि इस पर इमरान आदि ने गालियां देते हुए उन्हें भगा दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस से भी मामले की शिकायत की लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और मामले को आत्महत्या से जोड़ते हुए उन्हें टरका दिया। वहीं आरोपी इमरान का कहना था कि आदिल ने फंदे पर लटक कर जान दी है।
आदिल की मौत की सच्चाई जानने के लिए दोनों मौसियों ने स्थानीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए और शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग को लेकर धरना भी दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री शिकायत प्रकोष्ठ कार्यालय में भी शिकायत की। शिकायत प्रकोष्ठ को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय से आए फरमान के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया।
डीएम के आदेश पर शव कब्र से निकलवाए जाने के आदेश दिए गए। घटना के 45 दिन बाद मंगलवार को नगर मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ फूटा महल उस कब्रिस्तान में पहुंचे, जहां शव दफन किया गया था। नगर मजिस्ट्रेट की मौजदूगी में शव को कब्र से बाहर निकलवाया गया। शव पर पूरी तरह से मिट्टी चिपकी हुई थी। अब पोस्टमार्टम के बाद आदिल की मौत की सच्चाई सामने आएगी।
तीन डॉक्टरों के पैनल से होगा पोस्टमार्टम
आदिल की मौत का आरोप चूंकि उसके अपने चाचा इमरान आदि पर लगा है और आरोप लगाने वालीं उसकी दो मौसी हैं, इसलिए इस मामले में अब कहीं पर से कोई चूक न रह जाए और कोई सवाल न खड़े कर सके, इसलिए तीन डॉक्टरों के पैनल से वीडियो ग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराने की सिफारिश की गई है।
इसलिए आदिल की मौत पर गहरा रहा है शक
दोनों मौसियों का कहना है कि इमरान के नाम एक मकान है और करीब दस बीघा जमीन है। दोनों का आरोप है कि जमीन हड़पने के चक्कर आदिल को मार डाला और शव को लटका दिया। आदिल के एक भाई की पहले ही संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
आदिल के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जिसमें मौत का कारण स्पष्ट होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- ब्रजेश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली
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