यूपी में 30 हजार करोड़ के आठ अत्याधुनिक निजी डाटा सेंटर पार्क बनाने की तैयारी,

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अमृत विचार लखनऊ। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर उद्योग के क्षेत्र में निवेश वृद्धि के लिए वर्तमान डाटा सेंटर नीति-2021 में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। साथ ही, इस सम्बन्ध में कोई अन्य निर्णय लिये जाने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। प्रस्तावित संशोधनों के अन्तर्गत नीति के लक्ष्यों …

अमृत विचार लखनऊ। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में डाटा सेंटर उद्योग के क्षेत्र में निवेश वृद्धि के लिए वर्तमान डाटा सेंटर नीति-2021 में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। साथ ही, इस सम्बन्ध में कोई अन्य निर्णय लिये जाने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। प्रस्तावित संशोधनों के अन्तर्गत नीति के लक्ष्यों को उच्चीकृत किया गया है। प्रदेश में 30 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 900 मेगावॉट क्षमता के कम से कम आठ अत्याधुनिक निजी डाटा सेंटर पार्क्स की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश सरकार 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनामी के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से फरवरी, 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने जा रही है। इस परिप्रेक्ष्य में इस नीति के तहत प्राविधानित विभिन्न प्रोत्साहनों की तुलना अन्य राज्यों की डाटा सेण्टर नीति से बेंच मार्किंग के तहत की गयी है। डाटा सेंटर नीति को अधिक युक्तिसंगत बनाने हेतु नीति में उपयुक्त संशोधन किये जाने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा गया है।

मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार ने मीडिया को बताया कि कैबिनेट ने डाटा सेंटर नीति के तहत दो नये डाटा सेण्टर पार्कों का अनुमोदन किया है। इनमें सिंगापुर की कम्पनी एसटीपी 1130 करोड़ रुपये के निवेश से 56 मेगावॉट का डाटा सेंटर पार्क तथा एसकेबीआर कम्पनी, सिफी टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर 2692 करोड़ रुपये के निवेश से 120 मेगावॉट के डाटा सेंटर पार्क की स्थापना करेगी। इस प्रकार इन दोनों परियोजनाओं में कुल मिलाकर 3,822 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसमें 176 मेगावॉट की डाटा सेंटर कैपेसिटी तैयार होगी। इन पार्कों की स्थापना से लगभग चार हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप नीति-2017 के तहत निवेशकों को वित्तीय प्रोत्साहन

वाणिज्यिक परिचालन आरंभ करने के लिए अवधि निर्धारण की व्यवस्था को अंगीकृत किया जाना कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप नीति- 2017 के अन्तर्गत वाणिज्यिक परिचालन आरम्भ करने के लिए अवधि निर्धारण की व्यवस्था को अंगीकृत किये जाने तथा मेसर्स माइक्रोसॉफ्ट इंडिया (आर. एंड डी.) प्रा.लि., मेसर्स एमएक्यू इण्डिया प्रालि तथा मेसर्स वन 97 कम्यूनिकेशन्स लिमिटेड को केस-टू केस आधार पर प्रोत्साहनों के लिए अनुमोदन प्रदान कर दिया है। मेसर्स माइक्रोसॉफ्ट इंडिया (आर. एंड डी) प्रालि. 2186 करोड़ रुपये के निवेश से अपनी इकाई स्थापित कर रही है। मेसर्स एमएक्यू इण्डिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 483 करोड़ रुपये का निवेश किया जाना प्रस्तावित है। मेसर्स वन 97 कम्यूनिकेशन्स लिमिटेड (पेटीएम) नीति के तहत 3 चरणों में लगभग 571 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इन परियोजनाओं के लिए इकाईयों द्वारा भूमि आवंटन करा लिया गया है।

गाजियाबाद, फर्रुखाबाद और नोएडा में खुलेंगे निजी विश्वविद्यालय
एसडीजीआई ग्लोबल विश्वविद्यालय गाजियाबाद की प्रायोजक संस्था सुंदर दीप एजुकेशनल सोसाइटी, गाजियाबाद,को आशय पत्र निर्गत किये जाने का प्रस्ताव स्वीकृत कैबिनेट ने एसडीजीआई ग्लोबल विश्वविद्यालय, गाजियाबाद, मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय, फर्रुखाबाद और जेएसएस विश्वविद्यालय को नोएडा को उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा 6 के प्राविधानों के अन्तर्गत शर्तों के अधीन आशय पत्र निर्गत किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

उत्तर प्रदेश को उत्तर प्रदेश में निजी क्षेत्र के अन्तर्गत विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन में प्राप्त प्रस्तावों के परीक्षण के लिए राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित की गई समितियों ने शासन को निरीक्षण आख्याएं प्रस्तुत की थीं। इन पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने पिछली 20 अगस्त की बैठक में संस्तुतियां की थीं।

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