मुरादाबाद : आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन स्वामी होंगे मालामाल, मिलेगा 4,000 किराया

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मुरादाबाद,अमृत विचार। किराये के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के अब दिन बहुरेंगे। किराये के भवन के लिए अब 750 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये तक मासिक किराया कर दिया गया है। लिहाजा अच्छे भवनों में नौनिहालों को स्वच्छ वातावरण और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल पाएगी। छोटे व गंदे कमरों में संचालित केंद्रों को …

मुरादाबाद,अमृत विचार। किराये के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के अब दिन बहुरेंगे। किराये के भवन के लिए अब 750 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये तक मासिक किराया कर दिया गया है। लिहाजा अच्छे भवनों में नौनिहालों को स्वच्छ वातावरण और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल पाएगी। छोटे व गंदे कमरों में संचालित केंद्रों को नए भवनों में हस्तांतरित कराए जाने की तैयारी तेज कर दी है।

जिले के 2770 आंगनबाड़ी केंद्रों ढाई लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें तीन से छह वर्ष के करीब 63 हजार बच्चे हैं जिन्हें यहां अक्षर ज्ञान कराया जाता है। इसमें शहर परियोजना में 642 व ग्रामीण में 68 केंद्र का संचालन किराये के भवनों के भरोसे है। इन भवनों में न तो मानकों के अनुसार बैठने की व्यवस्था है और न ही स्वच्छ शौचालय। जिसके कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में है। लेकिन अब किराया बढ़ाए जाने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्री भी किराये के अच्छे भवनों में केंद्रों का संचालन कर सकेंगी।

यह हैं केंद्र खोलने के मानक
किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों के लिए खेल का मैदान, शौचालय आदि बेसिक सुविधाओं का होना जरूरी है। साथ ही कमरे की आकार इतना होना चाहिए कि वहां कम से कम 20 बच्चे एक साथ बैठ सकें।

केंद्रों पर पर्याप्त जगह और संसाधन नहीं
किराये के भवनाें में चल रहे अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के बैठने के लिए न तो पर्याप्त जगह है और न पर्याप्त संसाधन। जाटव बस्ती हरथला में संचालित केंद्र पर 17 बच्चे पंजीकृत है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री मीरा सक्सेना ने बताया कि बच्चे बीमार चल रहे हैं। इसलिए संख्या कम है। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में 5000 से कम में कमरा नहीं मिल रहा। मजबूरी में छोटे कमरे में केंद्र का संचालन किया जा रहा है। रामगंगा विहार स्थित आंगनबाड़ी केंद्र गुरुवार को बंद मिला। आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रीति बाला ने बताया कि टीकाकरण करने जाने था, लेकिन वह रद्द हो गया।

बच्चों को स्वच्छ वातावरण के साथ बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए नए भवन में हस्तांतरण कराने का काम किया जा रहा है। अगर स्वयं के घर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं केंद्र का संचालन करते पाई गई तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अनुपमा शांडिल्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी

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