रामपुर : मशहूर शायर नईम नजमी की किताब ‘लफ्जों की गुलकारी’ का हुआ विमोजन

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रामपुर, अमृत विचार। सौलत पब्लिक लाइब्रेरी में खान कमाल मेमोरियल सोसाइटी के तत्वावान में एक शाम नईम नजमी के नाम मुशायरा हुआ। जिसमें शायरों ने शानदार कलाम पेश किए। इससे पहले नईम नजमी को अवॉर्ड देकर उन्हें सम्मनित किया गया। इस मौक़े पर तहरीक-ए- अदब रामपुर के चेयरमैन मशहूर शायर नईम नजमी की किताब लफ्जों …

रामपुर, अमृत विचार। सौलत पब्लिक लाइब्रेरी में खान कमाल मेमोरियल सोसाइटी के तत्वावान में एक शाम नईम नजमी के नाम मुशायरा हुआ। जिसमें शायरों ने शानदार कलाम पेश किए। इससे पहले नईम नजमी को अवॉर्ड देकर उन्हें सम्मनित किया गया। इस मौक़े पर तहरीक-ए- अदब रामपुर के चेयरमैन मशहूर शायर नईम नजमी की किताब लफ्जों की गुलकारी का विमोचन किया गया।

युवा शायर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के क्षेत्रीय सेवा प्रमुख उत्तराखंड एवं पश्चिमी उत्तर फैसल मुमताज ने नईम नजमी को उनकी तस्वीर भेंट की । मुशायरे की सदारत सौलत पब्लिक लाइब्रेरी के चेयरमैन डॉ. महमूद अली खान और निजामत अदनान जियाई ने किया। देर रात तक चले मुशायरे में शायरों ने अपने कलाम से खूब दाद हासिल की। मुशायरे का आगाज़ इंजीनियर अनसब नजील ने नाते पाक से किया।

लाइब्रेरी में हुए मुशायरे में निजामत कर रहे अदनान जियाई ने फैसल मुमताज को दावते सुखन दी। उन्होंने कहा-सवेरे जंग का ऐलान होगा-चले जाएं जो जाना चाहते हैं। सुरेंद्र अश्क ने कहा -जितना चुभे उतना ही संभलना सिखा गए- कांटों ने यूं हमारा मुकद्दर बना दिया। कमाल अखतर ने कहा -किसके घर आईना नही होता-खुद नुमाई का किस को शौक नहीं। नईम नजमी के इस शेर को काफी पसंद किया गया- यार ऐसी तो मेरे दिल पे कयामत मत कर-तुझसे ये किसने कहा है मोहब्बत मत कर।

प्रसिद्ध शायर अजहर इनायती ने कहा- किसी के ऐब छुपाना सवाब है लेकिन- कभी-कभी कोई पर्दा उठाना पड़ता है। शहजादा गुलरेज़ ने कहा -जैसे ही दालान की बत्ती बुझी- उसकी आंखों में मेरा बिस्तर खुला। तनवीर वसफी ने कहा- अजब है मरहला यारो तिलिस्म नारसाई का- जो टूटेगा ये सन्नाटा तो जाऊंगा बिखर मैं भी। अजीज बकाई ने कहा- धड़कने लगा जब से इन के लिए-ये बेकार दिल काम का हो गया।

मुशायरे में डा. मुमताज अर्शी, डा. शरीफ कुरैशी, हस्सान आफंदी, मंजर वाहिदी, आले अहमद सुरुर, शकील गौस, अब्दुल्ला खालिद, जहूर फरहती , राशिद एजाज, मजहर रामपुरी, ह्यूमन आजाद, राशिद हिलाल ने अपना कलाम पेश किए। इस मौके पर डा. तनवीर अहमद, मौलाना जावेद कासमी , नदीम मियां, फसाहत अली खां शानू, मौलाना मुजम्मिल हुसैन, यूसुफ पीर, परवेज निजामी , आसिफ खान समेत काफी तादाद में लोग मौजूद रहे।

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