इमरान खान पर हमले को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने के मामले में गतिरोध गहराया

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की कोशिश के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर गतिरोध उस समय और गहरा गया, जब पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी ने पुलिस पर शिकायत दर्ज करने में अनिच्छा का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने किसी प्रकार की अर्जी मिलने से इनकार कर दिया। पंजाब प्रांत …

लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की कोशिश के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर गतिरोध उस समय और गहरा गया, जब पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी ने पुलिस पर शिकायत दर्ज करने में अनिच्छा का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने किसी प्रकार की अर्जी मिलने से इनकार कर दिया। पंजाब प्रांत के वजीराबाद जिले में ‘हकीकी आजादी मार्च’ के दौरान 70 वर्षीय खान के कंटेनर पर दो बंदूकधारी हमलावरों द्वारा की गई गोलीबारी में उनके दाहिने पैर में गोली लग गई थी।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्ला और मेजर जनरल फैसल नसीर ने 2011 में पंजाब के पूर्व गवर्नर सलमान तासीर की धार्मिक उन्मादियों के हाथों हत्या की तरह उन्हें जान से मारने की साजिश रची। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है क्योंकि कुछ लोग डरे हुए हैं।

खान ने शिकायत से पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम वापस लेने से इनकार कर दिया है, जिस कारण यह गतिरोध पैदा हुआ है। ‘डॉन’ समाचार पत्र के अनुसार, यह विवाद शनिवार को उस समय और गहरा गया, जब खान की पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी शिकायत दर्ज नहीं करना चाहती। पंजाब पुलिस ने गोलीबारी मामले से जुड़े कम से कम तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया, लेकिन उसने प्राथमिकी के लिए पीटीआई से कोई अर्जी मिलने से इनकार किया।

दूसरी ओर, खान के रिश्तेदार एवं वकील हसन नियाजी ने ‘डॉन’ से कहा कि उन्होंने पुलिस थाने में अर्जी दी थी, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें इसकी कोई रसीद नहीं दी। गोलीबारी में पीटीआई के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई है और खान समेत 14 लोग घायल हुए हैं। पीटीआई के उपाध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि कुछ अधिकारियों के हाथ बंधे हुए हैं और उन पर वजीराबाद हमले के लिए उनकी अर्जी पर विचार नहीं करने का दबाव है।

ये भी पढ़ें:- LIVE IND vs ZIM T20 WC 2022 : भारतीय बॉलर्स के आगे जिम्बाब्वे की हालत खराब, पांच विकेट खोए

संबंधित समाचार