शाहजहांपुर की सुमेधा ‘सेल्फ डिफेंस डिवाइस’ प्लान पर करेंगी काम, भारत सरकार से मिला पेटेंट
शाहजहांपुर, अमृत विचार। सुनने में शायद कुछ अटपटा सा लगे, लेकिन यह सच है कि शहर की युवा मैकेनिकल इंजीनियर ने महिलाओं और पुरुषों की सुरक्षा के लिए ऐसी सेल्फ डिफेंस डिवाइस तैयार का प्लान बनाया है, जिसे भारत सरकार ने भी न सिर्फ स्वीकार कर लिया है, बल्कि उसका पेटेंट भी कर लिया है। …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। सुनने में शायद कुछ अटपटा सा लगे, लेकिन यह सच है कि शहर की युवा मैकेनिकल इंजीनियर ने महिलाओं और पुरुषों की सुरक्षा के लिए ऐसी सेल्फ डिफेंस डिवाइस तैयार का प्लान बनाया है, जिसे भारत सरकार ने भी न सिर्फ स्वीकार कर लिया है, बल्कि उसका पेटेंट भी कर लिया है।
इसके लिए बाकायदा पेटेंट कार्यालय से प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है। अतिमहत्वपूर्ण डिवाइस के बारे में प्लान करने वाले युवा पहली कामयाबी पर गदगद हैं और अब उनका पूरा ध्यान डिवाइस तैयार करने पर केंद्रित हो गया है।
शहर के मोहल्ला बहादुरगंज निवासी भाजपा नेत्री और पूर्व चेयरमैन सरोज गुप्ता की पुत्रवधु नीतू गुप्ता और चंद्रमणि गुप्ता की बेटी सुमेधा गुप्ता ने वैसे तो मैकेनिकल ब्रांच से बीटेक किया है, लेकिन अपने सहपाठियों के साथ एक दिन चाय पर चर्चा करते हुए एक ऐसी डिवाइस तैयार करने का प्लान बनाया, जो विषम परिस्थियों में महिलाओं और पुरुषों के काम आ सके।
खासकर उन महिलाओं और युवतियों के जो किसी न किसी व्यवसाय से जुड़े होने के कारण देर रात काम से घर से बाहर रहती हैं। उनकी सुरक्षा के लिए सेल्फ डिफेंस डिवाइस काम करेगी। इस संबंध में सुमेधा ने रविवार को मीडिया से रूबरू होकर बताया कि उन्होंने अपने साथियों रजत शर्मा, स्नेहा श्रीवास्तव, उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ चर्चा कर डिवाइस के बारे में गंभीरता से सोचा और आगे कार्य करने का निर्णय लिया।
सुमेधा बताती है कि इस दिशा में काफी काम करने के बाद उन्होंने अपनी डिवाइस संबंधी प्लानिंग की फाइल भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय में बीते वर्ष 2021 में दाखिल कर दी। भारत सरकार ने इस दिशा में काम करने के लिए उनकी प्लानिंग को पेटेंट करते हुए प्रमाण पत्र भी भेज दिया।
उन्हें पेटेंट कार्यालय भारत सरकार से अप्रैल 2022 में ही प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। सुमेधा बताती है कि यह एक ऐसा सैद्धांतिक विचार है, जिसके तहत डिवाइस को एक हाथ के दस्ताने के रूप इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसकी पांच चीजें अलग-अलग स्विच के रूप में कार्य करेंगी, जो किसी भी विषम परिस्थिति में लोगों की मदद करने में सहायक बनेंगी। इसमें एक टैकर भी होगा, जो तीन इमरजेंसी नंबर पर डाला जा सकेगा, इसके बाद परिस्थितिजन्य मैसेज इन नंबरों पर स्वत: ही चला जाएगा और पुलिस द्वारा लगाए गए हूटर बज उठेंगे।
वह बताती हैं कि इस डिवाइस को तैयार करने में समय लग सकता है। इसके सरकार के साथ आईटी क्षेत्र के विशेषज्ञों की भी मदद सहायक साबित होगी। इसके लिए विभिन्न कंपनियों से भी मिला जाएगा और सहायता मांगी जाएगी।
