रामपुर: विधायकी जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आजम, उप चुनाव टलने का कयास
अमृत विचार, रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां की विधायकी जाने के बाद रामपुर में एक बार फिर विधानसभा उप चुनाव का शोर शुरू हो गया है। लेकिन, सपा में विधानसभा चुनाव में किसको उतारा जाए इस पर दिग्गज माथापच्ची कर रहे हैं। हालांकि, आजम खां ने अपनी विधायकी जाने और आनन-फानन में उप चुनाव को …
अमृत विचार, रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां की विधायकी जाने के बाद रामपुर में एक बार फिर विधानसभा उप चुनाव का शोर शुरू हो गया है। लेकिन, सपा में विधानसभा चुनाव में किसको उतारा जाए इस पर दिग्गज माथापच्ची कर रहे हैं। हालांकि, आजम खां ने अपनी विधायकी जाने और आनन-फानन में उप चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है जिसमें नौ नवंबर को सुनवाई होनी है। दबी जबान में सपाई कह रहे हैं कि रामपुर में उप चुनाव टल सकता है।
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विधानसभा उप चुनाव में शहर की सीट जीतने के लिए आजम खां अपने ही परिवार के किसी शख्स पर दांव खेल सकते हैं। क्योंकि, भी दो माह पूर्व उनके लोकसभा सीट से त्यागपत्र दिए जाने के बाद हुए उप चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था। इत्तेफाक ऐसा है कि एक बार फिर वही परिस्थितियां बन गई हैं। लोकसभा सीट से आजम खां ने स्वयं इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव लड़ा था और शहर विधानसभा सीट जीत ली थी।
इसके बाद लोकसभा उप चुनाव में उन्होंने सपा के शहराध्यक्ष रहे आसिम राजा को चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन, वह सीट बचाने में नाकाम रहे थे। इस बार फर्क इतना है कि भड़काऊ भाषण मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खां को तीन वर्ष की सजा के साथ छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा होने के बाद आजम खां की विधायकी भी चली गई है और फिर असमंजस की स्थिति है कि आजम खां की जगह कौन लेगा।
हालांकि, हाईकोर्ट को क्रास करते हुए सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर आजम खां ने अपनी याचिका दायर की है। मंगलवार को गंगा स्नान की छुट्टी होने के कारण सुनवाई बुधवार को होगी। याचिका दायर होने के बाद सपाई दबी जबान में कह रहे हैं कि रामपुर में विधानसभा उप चुनाव टल सकता है। लेकिन, कोर्ट का रुख क्या रहे इसके मद्देनजर शहर सीट पर उप चुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम पर भी माथापच्ची की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि आजम खां इस बार लोकसभा जैसी भूल करने के मूड में नहीं हैं।
सपाइयों को उप चुनाव में प्रशासन द्वारा खौफ पैदा करने का भी है अंदेशा
सपाइयों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जिन अधिकारियों ने लोकसभा उप चुनाव कराया था वही अधिकारी फिलवक्त भी तैनात हैं। सपाइयों का आरोप है कि प्रशासन ने खौफ पैदा करके सपाइयों को मतदान करने नहीं निकलने दिया था। मतदान की पूर्व संध्या पर सपाइयों के घरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई थी। इसके अलावा वोट डालने जा रहे लोगों पर लाठियां बरसाई गई थीं। ऐसे में फेयर उप चुनाव की कैसे उम्मीद की जा सकती है। सपाई यह भी जोड़ते हैं कि मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है नौ नवंबर के बाद तस्वीर साफ होगी।
विधायकी जाने के बाद आजम खां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है कि रामपुर में इतनी जल्दी उप चुनाव क्यों कराया जा रहा है। तैयारी का मौका भी नहीं दिया गया है। मंगलवार को गंगा स्नान की छुट्टी होने के कारण इस मामले में सुनवाई नौ नवंबर को होगी—
वीरेंद्र गोयल, निर्वतमान जिलाध्यक्ष सपा।
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