बरेली: अनदेखा करते रहे जिम्मेदार, इमरजेंसी के बाहर जमीन पर तड़पती रहीं बुखार पीड़िताएं

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बरेली, अमृत विचार। वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरुण कुमार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल जिला अस्पताल का निरीक्षण करने 12 बजे के करीब पहुंचते तो यहां का नजारा ही कुछ और होता। दरअसल, करीब आधे घंटे तक बुखार पीड़िताएं तीन बहने यहां जमीन पर तड़पती रहीं। यह भी पढ़ें- बरेली: 37 लोगों की जांच …

बरेली, अमृत विचार। वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरुण कुमार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल जिला अस्पताल का निरीक्षण करने 12 बजे के करीब पहुंचते तो यहां का नजारा ही कुछ और होता। दरअसल, करीब आधे घंटे तक बुखार पीड़िताएं तीन बहने यहां जमीन पर तड़पती रहीं।

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आंवला क्षेत्र के सरदार नगर निवासी इरशाद की तीन बेटियां अलीशा, खुशी और रिफा को घर पर कई दिनों से बुखार आ रहा था। उन्होंने गांव के ही एक झोलाछाप को दिखाया लेकिन हालत गंभीर होने पर जब वह सोमवार को जिला अस्पताल पहुंचे तो यहां इमरजेंसी स्टाफ ने उन्हें मरीज भर्ती न कर पहले पर्चा बनवाने के लिए भेज दिया। इस पर गंभीर हालत के चलते तीनों बेटियां इमरजेंसी के बाहर जमीन पर ही लेट गईं। करीब आधे घंटे बाद जब पिता इरशाद पर्चा बनवाकर आए तो मरीजों को भर्ती किया गया। इस दौरान कोई अनहोनी हो जाती तो कौन जिम्मेदार होता।

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