इटावा : सरकार की बेरूखी से नाराज भट्टा स्वामी कल जाएंगे दिल्ली

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, इटावा। उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति के तत्वावधान में सरकार की बेरूखी से नाराज जनपद के समस्त लाल ईंट भट्ठा स्वामी आगामी 10 नवंबर को रामलीला मैदान नई दिल्ली से संसद तक प्रदर्शन करेंगे। उद्योग की विभिन्न समस्याओं के कारण सम्पूर्ण भारत का भट्ठा स्वामी अपने लाल ईंट भट्ठे बन्द कर भारत सरकार …

अमृत विचार, इटावा। उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति के तत्वावधान में सरकार की बेरूखी से नाराज जनपद के समस्त लाल ईंट भट्ठा स्वामी आगामी 10 नवंबर को रामलीला मैदान नई दिल्ली से संसद तक प्रदर्शन करेंगे। उद्योग की विभिन्न समस्याओं के कारण सम्पूर्ण भारत का भट्ठा स्वामी अपने लाल ईंट भट्ठे बन्द कर भारत सरकार स्तर से समाधान होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने के बाद अब अपनी वेदना भारत सरकार तक पहुँचाएंगे । ईंट उद्योग सस्ता आवास एवं लाखों श्रमिकों को रोजगार देता है। सरकार की अनदेखी से सम्पूर्ण भारत में लगभग 3 करोड़ श्रमिक बेरोजगार होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

यह जानकारी जनपद ईंट निर्माता समिति इटावा के अध्यक्ष कुमुदेश चन्द्र यादव एवं महामंत्री सुरेश कुमार अरोड़ा ने प्रेस से वार्ता के दौरान दी। कहा कि हम अपने ईंट भट्ठा उद्योग की परेशानियों से स्थानीय प्रशासन एवं सरकार को वार्ताओं के माध्यम से अवगत कराते आये है। जिसका मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ने ईंट भट्ठा उद्योग हित में संज्ञान लिया। परन्तु कुछ समस्याओं का समाधान भारत सरकार स्तर से होना हैl वार्ता के दौरान जनपद ईंट निर्माता समिति इटावा के आशीष राजपूत, राजीव पाण्डेय, श्रीकृष्ण यादव, गोरलदास, राहुल गुप्ता, राधेश्याम यादव, गुड्डू चौधरी, सूरजभान सिंह, भानुप्रताप सिंह, रजत चौधरी, यदुनाथ सिंह, विमलेश यादव, राकेश कुमार जैन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

ईंट निर्माताओं की प्रमुख माँंगे

जी0एस0टी0 – लाल ईंट बिक्री में जीएसटी कम्पोजीशन स्कीम को समाप्त करते हुए जीएसटी स्लैब में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी की। जिसमें जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक में भट्ठों में निर्मित लाल ईंटों पर कर दर में बिना आईटीसी क्लेम किए 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत तथा आईटीसी क्लेम करने पर कर दर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव 01 अप्रैल 2022 से लागू किया गया है l ईंट भट्ठों की थ्रेसहोल्ड लिमिट रूपया 40 लाख से घटाकर 20 लाख की गई है।

जबकि देश में अन्य मैन्यूफैक्चरर्स के लिए कम्पोजीशन स्कीम तथा थ्रेसहोल्ड लिमिट रूपया 40 लाख है। लाल ईंट निर्माताओं पर दो प्रकार के अव्यवहारिक एवं अनुचित कर दर वृद्धि प्रस्ताव को वापस लेते हुए पूर्व की भांति कम्पोजीशन स्कीम लागू की जाय। आज के इस आधुनिक युग में ईंट भट्ठों पर ईंट मिट्टी बनाने वाली मशीनों के प्रयोग में जेसीवी मशीन द्वारा ईंट मिट्टी की मशीनों में डालने हेतु प्रयोग तथा श्रमिकों की माँग पर ईंट भट्ठों पर ही जेसीवी मशीन से मिट्टी खोदकर देना पड़ता है। इसलिए सरकार से निवेदन है कि उपरोक्त के सम्बन्ध में जेसीवी मशीन से ईंट भट्ठों को खनन करने की अनुमति प्रदान करें।

बंद हो कोयले की कालाबाजारी

ईंट पकाने हेतु प्रमुख माँग में कोयला भी है। आज कोयले के रेटों में अप्रत्याशित वृद्धि से भट्ठो को चला पाना बहुत कठिन हो गया है। मार्केट में कोयला वर्ष 2020-21 में 8000- से 9000 प्रति टन मिल रहा था जोकि इस सीजन वर्ष 2021-22 में 18000/- से 20000/- प्रति टन मार्केट में बिक रहा है। कोयले के रेटों को नियंत्रित कर सरकार हमें सस्ता और अच्छा कोयला उपलब्ध करायें। कोयले की कालाबाजारी बन्द हो।

यह भी पढ़ें:- बहराइच : 10 नवंबर को सांसद का घेराव करेंगे ईंट निर्माता समिति के पदाधिकारी

संबंधित समाचार