Kanpur में पीएफआई ही नहीं कई और संगठन जमाये हैं पैर, पहले भी कई को जांच एजेंसियों ने उठाया

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, कानपुर। एनआईए की टीम ने मंगलवार को शहर के कई क्षेत्रों में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के सक्रिय पांच सदस्यों की तलाश में छापेमारी की है। जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूत्रों ने बताया कि एनआईए पांच में से दो संदिग्धों को बांसमंडी क्षेत्र के बेबिस कंपाउंड से उठाकर अपने …

अमृत विचार, कानपुर। एनआईए की टीम ने मंगलवार को शहर के कई क्षेत्रों में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के सक्रिय पांच सदस्यों की तलाश में छापेमारी की है। जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूत्रों ने बताया कि एनआईए पांच में से दो संदिग्धों को बांसमंडी क्षेत्र के बेबिस कंपाउंड से उठाकर अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई है। इसके बाद अनवरगंज पुलिस ने भी इनके परिवारों से लंबी पूछताछ की है। इस मामले में अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को आर्थिक मदद और संगठन को मजबूत करने वालों की तलाश में राष्ट्रीय जांच एजेंसी लगातार छापेमारी कर रही हैं।

आतंकियों ने किए कई बार धमाके
कानपुर में पीएफआई के अलावा कई आतंकी संगठनों के भी कनेक्शन सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही कई बार आतंकी हमले भी हुए हैं। एटीएस ने प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े कई लोगों को पकड़कर जेल भेजा था।

-1995 में घंटाघर चौराहे पर साइकिल पर झोले में भरे बमों में धमाका हुआ था।
-2001 में आर्यनगर चौराहे पर एक मकान के बाहर लगे मौरंग में कुकर बम फटने बाद के शहर में आतंकी संगठनों के कदम रखने के संकेत मिले थे।

राजीव नगर ब्लॉस्ट से सब दहल गए थे
2006 में राजीव नगर, कल्याणपुर में एक मकान में विस्फोट हुआ था जिसमें कई लोग मारे गए थे। इस घटना से देश की सरकार हिल गई थी। एटीएस ने बिठूर, सचेंडी, बाबूपुरवा समेत कई स्थानों से आईएसआई एजेंटों को गिरफ्तार किया था। 2009 में कौशलपुरी स्थित हनुमान पार्क के पास एक मकान में विस्फोट हुआ था जिसमें एक बच्ची की जान गई थी। 2011 में रावतपुर से किदवई नगर जा रहे टेंपो में टिफिन बम फटा था। यह मामला भी अभी तक नहीं खुला है।

दबोचे जा चुके आईएसआई एजेंट
सूत्रों ने बताया कि शहर के कई इलाकों से आईएसआई एजेंट गिरफ्तार हो चुके हैं। अमन के खिलाफ उठने वाले इनके फनों को एटीएस ने कुचल दिया था।
-12 साल पहले आईएसआईएस एजेंट मुन्ना पाकिस्तानी बाबूपुरवा से पकड़ा गया था।
-11 सितंबर 2009 को सचेंडी से आईएसआई एजेंट इम्तियाज गिरफ्तार हुआ था।
-27 सितंबर 2009 को बिठूर से आईएसआई एजेंट मोहम्मद वकास।
-18 सितंबर 2011 को रांची के दुर्वा में रहने वाला आईएसआई एजेंट फैसल रहमान रेलबाजार से पकड़ा गया था। आरोप था कि फैसल देश की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान को भेजता था। इसके अलावा, जुलाई 2012 में सेंट्रल स्टेशन से फिरोज नाम का आतंकी और अप्रैल 2014 में पटना में हुए विस्फोट के मामले में संदिग्ध आतंकी को पनकी स्टेशन से एटीएस ने पकड़ा था।

ये भी पढ़ें-कानपुर: सपा विधायक और भाई पर महिला की झोपड़ी जलाने पर मुकदमा, इरफान ने सीएम योगी से मांगी मदद

संबंधित समाचार