सेवा के सर्वोच्च आदर्श हैं हनुमान: महंत गिरीश पति
अयोध्या, अमृत विचार। भगवान श्रीराम और हनुमान सेवा के सर्वोच्च आदर्श हैं। श्रीराम राजा बनने से पहले पिता के वचनों के पालन हेतु अपनी प्रजा के बीच वनवासी बनकर निकले और समूचे भारत वर्ष के वनवासी, संतों, ऋषियों के संकटों का निवारण कर जीवन के यथार्थ से परिचित कराया।
यह विचार तीन कलश तिवारी मंदिर में महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने सेवा के महत्व पर आयोजित सेवा संवाद सत्र में व्यक्त किए। होम्योपैथी चिकित्सा विकास महासंघ सचिव डॉ उपेन्द्रमणि त्रिपाठी ने कहा पूज्य महंत श्री जिस गुरु वशिष्ठ परम्परा के संवाहक हैं, कभी उसी गुरु परम्परा में रामराज्य की स्थापना हुई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में श्रीराम जन्मभूमि का गौरव पुनर्स्थापित हो रहा है। सेवा संवाद सत्र के बाद सेवा भारती के डॉ प्रेमचन्द्र पांडेय , डॉ उपेन्द्रमणि त्रिपाठी व पुष्कर दत्त तिवारी ने महंत गिरीश पति त्रिपाठी को 20 नवम्बर को आयोजित हो रहे सेवा प्रवाह के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर सुकेश, राजेश, दुर्गेश मिश्र, इंद्रजीत शुक्ल व शिष्य उपस्थित रहे।
