बहराइच: चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, लगाया यह गंभीर आरोप
अमृत विचार, बहराइच। जिले के ककरा मोहम्मदपुर गांव में गुरुवार को चार सदस्यीय चकबंदी अधिकारियों की टीम पहुंची। इसकी जानकारी मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। सभी ने आरोप लगाते हुए चकबंदी का विरोध किया। इससे अधिकारी वापस जिला मुख्यालय लौट गए।
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विशेश्वरगंज विकास क्षेत्र के ग्राम पंचायत ककरा मोहम्मदपुर में चकबंदी शुरू कराए जाने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा पंचायत भवन में कार्यक्रम प्रस्तावित था। गुरुवार को अधिकारी पहुंचे। चकबंदी विभाग के चार सदस्य टीम में एसीओ चकबंदी रामकुमार वर्मा और कानूनगो चकबंदी राजदेव, चकबंदी लेखपाल विजेंद्र पाल व इंद्रेश गांव में पहुंचे तो गांव के लोगों ने चकबंदी का विरोध करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्राम सभा के किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए चकबंदी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बैरंग वापस लौट गए तथा अंतिम रूप से चकबंदी कराए जाने अथवा न कराए जाने का फैसला नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में चकबंदी की जरुरत नहीं है, ग्रामीणों का आरोप है कि चकबंदी के दौरान चकबंदी कर्मचारियों द्वारा चकों को इधर-उधर हटाने के एवज में अवैध वसूली की जाती है।
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मालूम हो कि ग्राम पंचायत ककरा मोहम्मदपुर में वर्ष 2,009 से चकबंदी प्रक्रिया सक्रिय है। इस बीच कर्मचारियों द्वारा खेतों को इधर उधर फर्जी तरीके हटाया जा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि खेतों को सही करने के लिए उनसे से अवैध धनराशि की मांग की जा रही है। जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
