बांदा में बुखार से युवती समेत तीन की मौत, कई भर्ती

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा, अमृत विचार। सर्दी, जुकाम, बुखार, निमोनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। सुबह अस्पताल खुलते ही पर्चा बनवाने के लिए मरीज जिला अस्पताल के काउंटर में इकट्ठा हो जाते हैं। बुखार भी लगातार लोगों को अपनी चपेट में लेकर मौत की नींद सुला रहा है। बुखार से पीड़ित एक युवती समेत तीन लोगों की मौत हो गई। बुखार से पीड़ित कई लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

मौसमी परिवर्तन से लगातार बीमारियां बढ़ रही हैं। उल्टी, दस्त, निमोनिया से पीड़ित बच्चों की भरमार है। निमोनिया और श्वांस से पीड़ित बच्चों और बुजुर्गों की हालत पतली होती जा रही है। शुक्रवार को सुबह खुले जिला अस्पताल में एकबारगी मरीजों की भीड़ जमा हो गई। पर्चा काउंटर से लेकर डाक्टरों के चेंबरों तक मरीजों की भीड़ जमा रही। मरीज घंटों मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।

अतर्रा थाना क्षेत्र के कुसमा गांव निवासी शैलेंद्र (52) पुत्र कुंज बिहारी कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। घरवालों ने उसका सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराया। लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गुरुवार की दोपहर उसकी अचानक हालत खराब हो गई। घरवालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां शाम को उसकी मौत हो गई। इसी तरह शहर के इंदिरा नगर मुहल्ला निवासी अर्चना द्विवेदी (45) पत्नी स्व. शिवदास द्विवेदी कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने उसका प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार कराया। डेंगू की आशंका पर उनकी जांच भी कराई गई। लेकिन डेंगू नहीं निकला। प्लेटलेट्स लगातार घट रही थी।

गुरुवार की सुबह अचानक हालत ज्यादा खराब होने पर घरवाले अर्चना को लेकर कानपुर जा रहे थे। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। तकरीबन डेढ़ वर्ष पहले कोरोना काल में अर्चना के पति शिवदास की मृत्यु हो गई थी। शहर के खाईंपार मुहल्ला निवासी अंजली (19) पुत्री ठाकुर प्रसाद चार दिनों से बुखार से पीड़ित थी। घरवालों ने सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में भर्ती कराया।

वहां उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। घरवालों का कहना है कि उसकी प्लेटलेट भी कम थी। बुखार से पीड़ित कई लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिजीशियन डा. हृदयेश पटेल ने लोगों को आगाह किया है कि फुल आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छरों से बचने के लिए नीम का धुआं सुलगाएं। मच्छरदानी का प्रयोग करें। बुखार आने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।

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