योग शिक्षकों के वेतन के लिए CM केजरीवाल ने लोगों से मांगी मदद, जारी किया वाट्सऐप नंबर
उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और भाजपा दिल्लीवासियों का ‘जीवन बर्बाद’ कर रहे हैं, केजरीवाल का आरोप
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘दिल्ली की योगशाला’ कार्यक्रम के योग शिक्षकों के वेतन में लोगों के योगदान
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘दिल्ली की योगशाला’ कार्यक्रम के योग शिक्षकों के वेतन में लोगों के योगदान के लिए शनिवार को एक व्हाट्सऐप नंबर जारी किया। केजरीवाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में योग कक्षाएं रोक कर और आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा लागू की जा रही अन्य योजनाओं को बंद करके उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और भाजपा दिल्लीवासियों का ‘जीवन बर्बाद’ कर रहे हैं।
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केजरीवाल ने कहा कि जो लोग योग शिक्षकों के वेतन में योगदान देना चाहते हैं वे 7277972779 नंबर पर संदेश भेजकर इसकी जानकारी दें और बताएं कि वे कितने योग शिक्षकों के वेतन का खर्च उठाना चाहते हैं। ‘दिल्ली की योगशाला’ के तहत योग शिक्षकों को प्रतिमाह 15,000 रुपये का वेतन मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जो भी वेतन भुगतान में मदद करना चाहते हैं, नंबर पर संदेश भेजकर बता सकते हैं कि वे एक या दो शिक्षक के लिए योगदान देना चाहते हैं... फिर हम उन्हें शिक्षक/शिक्षकों के नाम देंगे, ताकि वे सीधे चेक शिक्षक को सौंप सकें।’
BJP ने दिल्ली की योगा क्लासेज़ बंद करा दी थी लेकिन दिल्ली के लोगों ने रूकने नहीं दी। दिल्लीवासी मिलकर योगा टीचर्स की तनख़्वाह देने के लिए तैयार हैं।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) November 12, 2022
72779 72779 पर WhatsApp करके बताएँ कि आप कितने टीचर्स की तनख़्वाह मुहैया करा सकते हैं। चेक आपसे सीधा योगा टीचर को ही जाएगा। pic.twitter.com/Rz42HYI9p6
उन्होंने कहा कि वेतन के लिए योगदान 15,000 के गुणक में होना चाहिए। उपराज्यपाल सक्सेना और भाजपा पर सरकार के कदमों को रोकने का आरोप लगाते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘जब उन्होंने योगशाला रोकी तो वह बहुत तकलीफदेह था। करीब 17,000 लोग उन कक्षाओं में जा रहे थे। उन्होंने कहा कि वे योग शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं करेंगे। लोगों को योग करने से कौन रोक रहा है? यह पाप है।’
आप सरकार ने एक नवंबर को दावा किया था कि उपराज्यपाल ने 31 अक्टूबर के बाद ‘दिल्ली की योगशाला’ कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी, लेकिन साथ ही कहा था कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि योग कक्षाएं चलती रहें। उपराज्यपाल सचिवालय के सूत्रों ने बताया था कि सक्सेना के कार्यालय को 31 अक्टूबर के बाद योगशाला जारी रखने का अनुरोध करने वाली कोई फाइल नहीं मिली है।
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