राजीव के हत्यारों की रिहाई पर मोदी सरकार की चुप्पी आतंकी कृत्य के साथ समझौता: कांग्रेस
सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी और पांच अन्य दोषियों को समय से पहले रिहा करने का शुक्रवार को निर्देश दिया।
कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को समयपूर्व रिहा किए जाने के फैसले
नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को समयपूर्व रिहा किए जाने के फैसले पर नरेंद्र मोदी सरकार की ‘निंदनीय चुप्पी’ आतंकवादी कृत्य के साथ समझौता करना है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट किया, ‘आतंकवादियों के साथ कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। राजीव गांधी के हत्यारों के दोषियों की रिहाई मोदी सरकार की निंदनीय चुप्पी आतंकी कृत्य के साथ समझौता करना है।’
There shouldn't be any sympathy with terrorists. Modi Govt's reprehensible silence on the release of the culprits of Rajivji's assassins is a compromise with the terrorist act. And those who applaud the release of those terrorists are, indeed, indirectly emboldening them.
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) November 12, 2022
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उन्होंने द्रमुक और तमिलनाडु के कुछ अन्य पक्षों का नाम लिए बगैर कहा, ‘जो आतंकवादियों की रिहाई पर वाहवाही कर रहे हैं वो भी परोक्ष रूप से आतंकियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।’ सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड में करीब तीन दशक से उम्रकैद की सज़ा काट रही नलिनी श्रीहरन और पांच अन्य दोषियों को समय से पहले रिहा करने का शुक्रवार को निर्देश दिया।
न्यायालय ने यह उल्लेख किया कि एक अन्य दोषी ए. जी. पेरारिवलन को रिहा करने के लिए पहले दिया गया उसका आदेश इन दोषियों पर भी समान रूप से लागू होता है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बुदूर में एक चुनाव रैली में एक महिला आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी।
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