आयुष काउंसलिंग में हुई गड़बड़ी मामले में मुख्य आरोपी की तलाश जारी, एसटीएफ ने दी दबिश

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार लखनऊ। आयुष काउंसलिंग में हुई गड़बड़ी मामले में फरार चल रहे आरोपी कुलदीप की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने  दर्जन भर स्थानों पर दबिश दी है, लेकिन, आरोपी एसटीएफ टीम के हाथ नहीं लगा। वहीं, एसटीएफ तीसरे कंपनी संचालक की तलाश कर रही है जिसे अपट्रॉन और वी-थ्री सॉफ्ट सॉल्यूशन ने जिम्मेदारी दी थी। दरअसल, अपट्रॉन और वी-थ्री सॉफ्ट सॉल्यूशन कंपनी से आयुष का काउंसलिंग कराने के लिए ठेके का अनुबंध हुआ था। लेकिन, बिना किसी वेरिफिकेशन के नीट मेरिट का पूरा डाटा तीसरे को दिया गया।
बता दें कि आयुष दाखिले में हुए फर्जीवाड़े मामले में एसटीएफ ने निदेशालय से दस्तावेज अपने कब्जे में लिया था। जिसकी जांच में खुलासा हुआ कि निदेशालय की काउंसलिंग का अनुबंध वी-थ्री सॉफ्ट से था, लेकिन काउंसलिंग तीसरी फर्म कर रही थी। हैरानी की बात यह है कि आयुर्वेद निदेशालय के अधिकारियों ने इसका वेरिफिकेशन करना उचित नहीं समझा, कि निदेशालय किस व्यक्ति को विभागीय गोपनीय डाटा उपलब्ध करा रहा है। दूसरी तरफ लापरवाही की हद तब हो गई जब 13 सदस्यों वाली काउंसलिंग बोर्ड की टीम ने भी इस विषय पर गौर नहीं किया। इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही एसटीएफ आयुर्वेद के कई अधिकारियों से भी पूछताछ की है। 

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