बरेली: 14 साइबर ठग गए जेल, आधा धंतिया गांव खाली

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बरेली,अमृत विचार। धंतिया गांव में पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीणों में दहशत है। साइबर ठगों से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों ने पुलिस की रडार पर आने के बाद गांव छोड़ दिया। उनके मकानों में ताले लटके हुए हैं। दिनभर पुलिस की सख्ती के बाद आधा गांव खाली हो गया। वहीं, पुलिस ने इस प्रकरण …

बरेली,अमृत विचार। धंतिया गांव में पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीणों में दहशत है। साइबर ठगों से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों ने पुलिस की रडार पर आने के बाद गांव छोड़ दिया। उनके मकानों में ताले लटके हुए हैं। दिनभर पुलिस की सख्ती के बाद आधा गांव खाली हो गया। वहीं, पुलिस ने इस प्रकरण में 14 साइबर ठगों को जेल भेज दिया है। पूछताछ के बाद दो लोगों को पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। एहतियातन गांव में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है।

मंगलवार की रात एएसपी अभिषेक वर्मा की नेतृत्व में इज्जतनगर और बारादरी पुलिस ने फतेहगंज पश्चिमी के धंतिया गांव में छापा मारकर दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया था। आरोपियों के पास से 13 लाख का कैश, जेवर, 54 मोबाइल, 75 सिम, 90 पासबुक भी बरामद हुईं। 100 चेक बुक समेत 96 आधार कार्ड के साथ आरोपियों के पास से पुलिस को मर्सडीज समेत पांच कारें और एक बाइक एक स्कूटी,165 एटीएम कार्ड भी मिले हैं।

बुधवार को इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि अभी तक पुलिस को पकड़े गए 16 लोगों में पांच लोगों का ही घटना में शामिल होना पाया गया है। देर रात पूछताछ के बाद अन्य लोगों के तार भी ठगों के साथ जुड़े पाए गए। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने हवाला कनेक्शन के बारे में पूछताछ की। इधर गुरुवार को आरिफ खां, रफी खां, राशिद खां, जमशेद खां, वारिश, युसुफ खान, अफजाल खां, आमिर खां, कैफ खां, ताहिर, साजिद खां, जाहिद खां, नासिर खां, इरफान को जेल भेज दिया।

चार साइबर ठग फरार, पकड़ने को दबिश
16 लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सईम खां, अब्दुल रजा का साइबर ठगी में शामिल होने के कोई प्रमाण नहीं मिलने पर छोड़ दिया। पुलिस ने धंतिया गांव के 18 लोगों पर साइबर ठगी का मामला दर्ज किया है। जिसमें मोबीन खां, अफसर खां, मुस्तफा खां और असगर अभी तक फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस पकड़े गए लोगों के साथियों की तलाश में भी जुटी है। इसके भनक लगते ही साइबर ठगी का काम करने वाले लोग फरार हो गए हैं।

मुख्य आरोपी जमशेद ने बदल लिया अपना हुलिया
शुरूआती जांच के बाद सामने आया है कि साइबर ठगी का मुख्य आरोपी जमशेद खान ही है। एटीएस और पुलिस काफी समय से उसकी तलाश में लगी हुई थी। शातिर साइबर ठग जमशेद खान ने अपना हुलिया भी बदल लिया था। दाढ़ी और कुर्ता पजामा पहनकर पांच वक्त का नमाजी भी बन गया। इससे गांव के लोगों का मानना था कि अब उसने दो नंबर का काम बंद कर दिया है। मंगलवार रात हुई पुलिस की छापेमारी के बाद बुधवार सुबह अखबार में जमशेद की गिरफ्तारी के बाद से गांव के लोग दंग रह गए।

जमशेद रिश्तेदारों के नाम से खरीदता था जमीन
साइबर ठगी में पकड़ा गया जमशेद काफी शातिर दिमाग का है। उसने अपने एक रिश्तेदार के नाम से पांच लाख की एफडी भी कराई थी। वंही पत्नी के एक करीबी परिजन के नाम से बड़ा बाईपास पर लाखों रुपए की कीमत के दो प्लाट भी खरीदे थे। उसकी ज्यादातर संपत्ति रिश्तेदारों के नाम पर ही है। जमशेद के एक रिश्तेदार की पत्नी के पास डायमंड का एक हार भी है। जो जमशेद ने ही अपने पैसों से खरीदकर दिया था। जमशेद ने अपने काले कारनामे छुपाने के लिए स्कूल खोला है, ताकि स्कूल की आड़ में काम चलता रहे। अपने परिवार के लोगों के नाम से भी उसने जगह जगह लाखों रुपए की जमीन खरीदी है।

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