बरेली: दरगाह से हुई अपील, खुले में न करें कुर्बानी
बरेली, अमृत विचार। बकरीद को लेकर दरगाह से एक खास अपील की गई है। सज्जादानशीन ने खुले में कुर्बानी नहीं करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने खुले में जानवरों के अवशेष न फेंकने और उन्हें गड्डे में दफन करने की बात कही है। बकरीद 1 अगस्त को मनायी जाएगी। इस दिन प्रदेश में …
बरेली, अमृत विचार। बकरीद को लेकर दरगाह से एक खास अपील की गई है। सज्जादानशीन ने खुले में कुर्बानी नहीं करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने खुले में जानवरों के अवशेष न फेंकने और उन्हें गड्डे में दफन करने की बात कही है। बकरीद 1 अगस्त को मनायी जाएगी। इस दिन प्रदेश में दो दिन का लाकडाउन भी लागू रहेगा। सज्जादानशीन ने शासन से अपील करते हुए कहा कि शासन को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ इन दिनों जानवरों की खरीद-फरोख्त, लाने ले जाने और गोश्त को बांटने की छूट देनी चाहिए।
दरगाह आला हजरत के सज्जादा नशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने कहा कि पिछले कई महीनों से दुनिया भर में कोरोना का कहर जारी है। बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। इस बार देश में ईद उल अजहा का त्योहार 1 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में दो दिन का लाकडाउन भी है।
दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने मुफ्ती अहसान मियां की ओर से जारी की गई अपील की जानकारी देते हुए बताया कि सज्जादानशीन ने बताया कि कोरोना महामारी में शासन की गाइड लाइन के मुताबिक जितने लोगों को मस्जिदों में नमाज अदा करने की इजाजत मिली है, उतने ही लोग ईद उल अजहा की नमाज अदा करें।
बाकी लोग अपने-अपने घरों में जिस तरह ईद उल फित्र में चाशत की नमाज अदा की थी, ठीक उसी तरह ईद उल अजहा में चाशत की नमाज अदा करें। ईद की नमाज अदा करने के बाद मुसलमान कुर्बानी खुली जगह में न करें। जानवर के अवशेष भी खुली जगह में न डाले।
