किट पहन कर बाहर जाने पर लोग मजाक बनाते थे: मिताली राज
राजधानी के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची महिला क्रिकेटर
अमृत विचार, लखनऊ। जब मैं घर के बाहर क्रिकेट की किट पहन कर प्रैक्टिस करती तो लोग मेरा मजाक बनाते। किट पहन कर बाहर जाने पर कई बार तो आस-पास के रहने वालों ने कहा कि लड़की है, घर का काम काज सिखाओं। लेकिन मैने परवाह नहीं की और अपना अभ्यास जारी रखा।
यह कहना था भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी मिताली राज का। वह सोमवार का राजधानी के एक स्कूल में आयोजित समारोह में शिरकत करने यहां आई थी। उन्होंने यहां पर बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित किया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया तो उस समय लोग महिला क्रिकेट का मजाक बनाते थे। पुरुष क्रिकेट के प्रति ही सभी तरफ दीवानगी देखने को मिलती। लेकिन अब ऐसा नहीं है। बीसीसीआई ने भी अब हमें पुरुषों की तरह की सुविधाएं देनी शुरू कर दी हैं। इसी के चलते भारतीय क्रिकेट लगातार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कॅरियर की शुरुआत में उन्हें खासी परेशानियां उठानी पड़ी। क्रिकेट खेलने और किट पहनने पर लोगों ने मजाक भी उड़ाया। लेकिन मैंने हार नहीं मानी और अभ्यास जारी रहा। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क और इंग्लैंड की क्लेयर कार्नर ने महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए खासा संघर्ष किया है।
सभी के प्रयासों से आज लोग महिला क्रिकेट को भी सम्मान की नजर से देखते हैं। विभिन्न शहरों में अभिभावक भी अपनी लाडली को क्रिकेट की कठिन ट्रेनिंग दिलवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाली समय में मैं किताब पढ़ती हूं। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। मैच के दौरान निर्णय लेने की क्षमता बढ़ी। इसलिये सभी को अध्ययन करना चाहिए। इससे आपके व्यक्तिव का विकास होता है।
