Kanpur: Hallet अस्पताल के मेडिसिन विभाग में बनेगा नया आईसीयू, GSVM Medical College प्रशासन ने तैयार किया प्रस्ताव
कानपुर में हैलट अस्पताल के मेडिसिन विभाग में नया आईसीयू बनेगा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार किया है। मेडिसिन वार्ड के मरीजों की हालत बिगड़ने पर शिफ्टिंग होगी।
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर समेत आसपास के जनपदों से आने वाले गंभीर रोगियों की सेहत सुधारने की प्लानिंग है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में नया आईसीयू बनाने की तैयारी है। यह सामाजिक संस्थाओं और कंपनियों के सीएसआर फंड से संचालित किया जाएगा। आईसीयू के लिए विभाग में जगह तलाशी जा रही है। इसके बनने से मेडिसिन विभाग में भर्ती गंभीर रोगियों की हालत बिगड़ने पर तुरंत शिफ्टिंग की जा सकेगी।
हैलट अस्पताल की इमरजेंसी के बगल में 30 बेड का आईसीयू है। यहां बाल रोग और स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग के गंभीर मरीजों के लिए बेड आरक्षित रहते हैं। मेडिसिन का यह आईसीयू मेडिसिन वार्ड से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर है। अक्सर वार्ड नंबर 10, 11, 12, 13, 14, 15 में भर्ती रोगियों की हालत जब बिगड़ती है तो उन्हें आईसीयू में लाना पड़ता है।
हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से ई-एंबुलेंस की सुविधा की गई है, लेकिन जल्दबाजी के बावजूद मरीज की जिंदगी पर पल पल का समय कीमती रहता है। यह स्थिति और भी अधिक गंभीर हो सकती है, जब रोगी की सांसें ऑक्सीजन पर चल रहा होता है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य प्रो. रिचा गिरी ने बताया कि नया आईसीयू मेडिसिन वार्ड के पास ही बनाया जाएगा। यह किसी वार्ड को अपग्रेड करके तैयार किया जाएगा। वार्ड में ऑक्सीजन लाइन पड़ गई है, जबकि ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट पहले ही चालू हो चुका है। ऐसे में आईसीयू के लिए किसी तरह की कोई समस्या नहीं आएगी।
मेडिसिन में एचडीयू हो रहा संचालित
मेडिसिन वार्ड में पहले ही हाई डिपेंडेंसी यूनिट संचालित किया जा रहा है। यहां पर गंभीर रोगियों का इलाज चल रहा है। वेंटीलेटर भी लगाए गए हैं, लेकिन ज्यादा गंभीर रोगियों को तुरंत आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ता है।
गुर्दा, फेफड़ा, लिवर के गंभीर रोगी
मेडिसिन विभाग के वार्ड में सेप्टीसिमिया, गुर्दा, फेफड़ा, लिवर, हृदय के गंभीर रोगी भर्ती हैं। कई मरीजों में विभिन्न तरह के संक्रमण हैं, जिनके लिए अन्य विभागों के विशेषज्ञों की आवश्यकता पड़ती है। गुर्दा रोगियों में डायलिसिस की जरूरत रहती है। यहां के डायलिसिस यूनिट को भी बेहतर करने की तैयारी चल रही है।
