शाहजहांपुर: मानदेय में कटौती पर भड़के संविदा कर्मचारी, रोडवेज का चक्का जाम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

शाहजहांपुर,अमृत विचार। मानदेय में कटौती किए जाने पर रोडवेज के संविदा कर्मचारियों का शुक्रवार को गुस्सा भड़क गया। गुस्साए कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर आड़ी-तिरछी बसें खड़ी कर बसों का संचालन बंद कर दिया और धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। इससे बस संचालन के प्रबंधन में लगे डिपो कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। …

शाहजहांपुर,अमृत विचार। मानदेय में कटौती किए जाने पर रोडवेज के संविदा कर्मचारियों का शुक्रवार को गुस्सा भड़क गया। गुस्साए कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर आड़ी-तिरछी बसें खड़ी कर बसों का संचालन बंद कर दिया और धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। इससे बस संचालन के प्रबंधन में लगे डिपो कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए।

एएआरएम एसके वर्मा ने संविदा कर्मचारियों को शांत करते हुए उनसे बसों का संचालन करने की अपील की लेकिन कर्मचारियों का कहना था कि जब तक समस्या समाधान नहीं हो जाता, वह लोग बसों का संचालन शुरू नहीं करेंगे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। समस्या समाधान होने पर लगभग दो घंटे बाद बसों का संचालन शुरू कर दिया गया।

संविदा कर्मचारी अनुज पांडेय ने बताया कि उन्हें व उनके साथी संविदा कर्मचारियों को 17 हजार रूपये मानदेय के तौर पर दिए जाते थे। प्रोत्साहन राशि भी दी जाती थी लेकिन कोरोना काल में उनके मानदेय में कटौती कर दी गई है। कटौती का आलम यह है कि 17 हजार से 14 हजार रूपये और फिर 88 सौ और अब 15 सौ रूपये दिए जा रहे हैं। इससे उनके घर का खर्च चलना मुश्किल हो रहा है।

मानदेय में बराबर कटौती होने से संविदा कर्मचारियों का शुक्रवार को गुस्सा भड़क गया और सभी लोगों ने बसों को ले जाने से मना कर दिया। बसों का संचालन ठप होने की जानकारी मिलने पर एएआरएम एसके वर्मा मौके पर पहुंचे और संविदा कर्मचारियों को शांत करने की कोशिश की लेकिन वह लोग मानने को तैयार नहीं थे। इस दौरान अरविंद, सुनील, जसवीर सिंह, नेमपाल सिंह आदि तमाम संविदा कर्मचारी शामिल थे।

बसों के इंतजार में भटके यात्री, प्राइवेट वाहनों से किया सफर
अचानक बसों का संचालन ठप हो जाने पर यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी, हालांकि कोरोना काल में आम दिनों की अपेक्षा यात्रियों की संख्या कम है, फिर भी जो लोग जरूरत के हिसाब से सफर तय कर रहे हैं। उनके लिए शुक्रवार का दिन मुश्किल से भरा था। उन्हें रोडवेज बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी जब संचालन शुरू नहीं हुआ तो उन लोगों ने प्राइवेट वाहनों से सफर तय किया।

“संविदा कर्मचारियों को भ्रम हो गया था कि उनके मानदेय में कटौती हो रही है लेकिन ऐसा नहीं है। उन्हें समझाया गया। इसके बाद बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है।” -एसके वर्मा, एआरएम

संबंधित समाचार