बदायूं: डॉक्टरों की टीम लेकर मझिया पहुंचे सदर विधायक और सीएमओ, कराया स्वास्थ्य परीक्षण
बदायूं, अमृत विचार। लखनऊ से लौटने के बाद सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता अमृत विचार में छपी खबर पढ़ने के बाद सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय और उनकी टीम के साथ शुक्रवार सुबह 10 बजे मझिया गांव जा पहुंचे। विधायक के साथ डॉक्टरों की टीम को देखते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जहां 113 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 43 लोगों के खून की जांच की गई, जिनमें 6 लोगों को डेंगू पॉजिटिव पाया गया।
शहर से सटे मझिया गांव में पिछले कई दिनों बुखार अपना कहर बरपा रहा है। दो हजार आबादी वाले मझिया में डेढ़ हजार से ज्यादा लोग बीमार हैं। यहां ऐसा कोई घर नहीं जिसमें दो-चार बुखार के रोगी न हों। बुखार से दो लोगों की जान जा चुकी है। मझिया में अधिकांश लोग गरीब होने की वजह से इलाज तक नहीं करा पा रहे हैं।
अमृत विचार ने मझिया के लोगों का दर्द समझा और इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर गुरुवार को मझिया गई स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाज के नाम पर गोलियां बांटकर लौट गई थी। किसी की जांच नहीं की गई थी। अमृत विचार ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर करते हुए शुक्रवार के अंक में खबर प्रकाशित की। मझिया गांव सदर विधानसभा क्षेत्र में है।
अमृत विचार में खबर पढ़ने के बाद पूर्व राज्यमंत्री व सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय टीम के साथ मझिया जा पहुंचे। सदर विधायक और सीएमओ के पहुंचने का पता चलते ही कुछ ही देर में चौक पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। विधायक ने हालचाल जानना चाहा तो स्वास्थ्य विभाग के प्रति लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
लोग बोले- गांव में इतना बुखार फेला होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। लोगों ने अमृत विचार को धन्यवाद दिया और ईश्वर से दुआएं मांगी। उनका कहना था कि अमृत विचार में खबर छपने से पहले किसी ने उनकी सुध नहीं ली। इस पर विधायक व सीएमओ ने विश्वास दिलाया कि गांव वाले चिंता न करें सबका मुफ्त इलाज किया जाएगा। विधायक व सीएमओ इसके बाद उनके घर गए जिनकी बुखार से मौत हुई।
उध, डाक्टरों की टीम ने मझिया गांव के बीच चौक पर कैंप लगाकर मरीजों को देखना शुरू किया। टीम के मुताबिक शुक्रवार को मझिया में 113 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 43 लोगों के खून की जांच हुई, जिनमें छह को डेंगू पाया गया। बाकी 70 लोग सर्दी, जुखाम, खांसी, स्किन रोग आदि से ग्रसित पाए गए। सभी को जरूरत के हिसाब से मुफ्त दवाएं दी गईं। सीएमओ डॉ. प्रदीप प्रदीप वाष्र्णेय के निर्देश पर मलेरिया विभाग की टीम भी मझिया पहुंच गई।
मलेरिया टीम ने गांव की नालियों का पानी चेक किया। घरों में जाकर फ्रिज चेक किए। ग्रामीणों को गर्म पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी। कहा कि कहीं भी पानी जमा न होने दें। नालियों में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया गया। उधर, मझिया गांव में भ्रमण के दौरान पूर्व राज्यमंत्री व सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने सीएमओ से कहा कि मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। शासन की मंशा के अनुरूप सभी का बेहतर इलाज किया जाए।
नालियों में कीटनाशक का छिड़काव किया
पूर्व राज्यमंत्री के सामने ही गांव मझिया में शुक्रवार को कीटनाशक दवा का छिड़काव किया गया। लोगों ने बताया कि गांव में मच्छरों का प्रकोप अधिक है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत की ओर से कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया गया। ग्रामीणों के मुताबिक समय रहते कीटनाशक का छिड़काव कराया गया होता गांव में यह भयवय स्थिति नहीं होती।
ईश्वर बनकर आया अमृत विचार
शुक्रवार को अमृत विचार की टीम मझिया गांव पहुंची तो लोगों की आंखों में आंसू छलक आए। ग्रामीण बोले- हम लोग तो जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। हमारे लिए तो अमृत विचार अखबार ईश्वर बनकर आया। बोले-अमृत विचार में खबर छपने से पहले यहां कोई। खबर छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग वाले आए। अब गरीबों का इलाज भी हो जाएगा। लोग हाथ जोड़कर अमृत विचार को दुआएं दे रहे थे।
दुकानें बंद करके फरार हुए झोलाछाप
मझिया गांव में पांच-छह झोलाछाप की दुकानें हैं। शुक्रवार को सीएमओ के आने की खबर सुनी तो झोलाछाप अपनी दुकनें बंद करके भाग गए। सदर विधायक महेश गुप्ता से गांव के लोगो ने कहा की हम लोग तो बहुत परेशानी से गुजर रहे है। बही सीएमओ और विधायक से गांव में बैठ रहे झोलाछाप की शिकायत भी की। बही विधायक ने बोला की अप सब जल्दी सही हो जाओगे। सीएमओ की सुनकर बहा जो बैठे झोलाछाप अपनी अपनी दुकान बंद करके बहा भाग खड़े हुए।
