मुरादाबाद : श्रुति शर्मा के उत्तर प्रदेश में सेवा संकल्प को मिली उड़ान, परिवार में छाईं खुशियां

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मिला कैडर : बास्टा गांव और दिल्ली के इस्ट आफ कैलाश के बी-ब्लॉक में खुशी का माहौल

29 मई 2021 के दिन चयन परिणाम के ऐलान के बाद दैनिक समाचार पत्र अमृत विचार से मोबाइल पर अपने प्रथम साक्षात्कार में श्रुति ने यूपी में सेवा कर मिट्टी के कर्ज अदा करने की घोषणा की थी।

आशुतोष मिश्र,अमृत विचार। यह होना ही था और हो गया। यूपीएससी 2021 की टॉपर श्रुति शर्मा को उत्तर प्रदेश में सेवा का मौका मिलने का निर्णय हो गया। इस श्रेणी में प्रदेश के तीन चयनित आए हैं। यानी की देश की सर्वोच्च प्रतिष्ठा वाली परीक्षा में प्रदेश के जिन 19 सफल सदस्यों ने सफलता पाई, इनमें तीन को गृह राज्य का कैडर मिल गया। श्रुति के उत्तर प्रदेश सेवा के संकल्पों को परवाज मिल गई।

मंडल के खाते में इसकी अव्वल खुशी है। श्रुति के पैतृक गांव बास्टा (बिजनौर) से लेकर दिल्ली के इस्ट आफ कैलाश के बी-ब्लॉक में खुशियों का डेरा है। 29 मई 2021 के दिन चयन परिणाम के ऐलान के बाद दैनिक समाचार पत्र अमृत विचार से मोबाइल पर अपने प्रथम साक्षात्कार में श्रुति ने यूपी में सेवा कर मिट्टी के कर्ज अदा करने की घोषणा की थी। यह संकल्प पर साकार होने का रास्ता साफ हो गया। ऐसे में डिपाटमेंट आफ पर्सनल एण्ड ट्रेनिंग (डीओपीटी) के इस घोषणा के बाद हमने परिवार की खुशियों की श्रृंखला तैयार की है। 

 गृह मंडल में आयुक्त आन्जनेय कुमार सिंह द्वारा आयोजित प्रथम अभिनंदन उत्सव में श्रुति के संकल्प और सोच के पन्ने खोले तो परिवार के सदस्य रोमांचित हो गए। बहन को यूपी कैडर की आधिकारिक घोषणा से क्रिकेटर भाई आदित्य रोमांचित है। पिता सुनील दत्त शर्मा और मां रचना शर्मा की खुशी तो मानों आसमान छू रही है। बातचीत में पिता सुनील दत्त कहते हैं कि श्रुति के साथ पांचवे नंबर के टॉपर उत्कर्ष और 249वी रैंक के प्रफुल्ल को यूपी में सेवा का मौका मिला है।

बिटिया से वार्ता के क्रम में पिता ने यह जानकारी दी कि 28 अगस्त से मसूरी में आईएएस सेवा का प्रशिक्षण शुरू है। नौ दिसंबर को यह प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा। इसके बाद आईएएस कैडर के सदस्य मसूरी में ही रुक जाएंगे, जबकि आईपीएस हैदराबाद, आईएफएस दिल्ली, आईआरएस फरीदाबाद भेज दिए जाएंगे। दिल्ली विश्व विद्यालय से स्नातक, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से इतिहास आनर्स की डिग्री हासिल करने के बाद श्रुति ने जामिया मिलिया इस्लामिया के रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी की तैयारी कर सफल हुईं श्रुति के घर में दूसरे दिन उत्सव का माहौल है।

ये भी पढ़ें :  विश्व शौचालय दिवस : दो अरब खर्च फिर भी 30,000 लोग खुले में जा रहे शौच

 

संबंधित समाचार