बरेली: बाजार से ज्यादा ऑनलाइन बिक रहे कुर्बानी के बकरे

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Edited By Amrit Vichar
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आसिफ अंसारी, बरेली। 1 अगस्त को बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा लेकिन इस बार कोरोना के प्रकोप के चलते बकरे के बाजार लगने पर भी पाबंदी लगी हुई है। इससे बकरे की खरीदारी पर भी काफी असर पड़ा है। लोगों ने अब फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए ही बकरों के फोटो अपलोड कर उनकी खरीद …

आसिफ अंसारी, बरेली। 1 अगस्त को बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा लेकिन इस बार कोरोना के प्रकोप के चलते बकरे के बाजार लगने पर भी पाबंदी लगी हुई है। इससे बकरे की खरीदारी पर भी काफी असर पड़ा है। लोगों ने अब फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए ही बकरों के फोटो अपलोड कर उनकी खरीद और बिक्री शुरू कर दी है।

ईद उल अजहा (बकरीद ) के चांद की तस्दीक होने के बाद 1 अगस्त को बकरीद मनाई जाएगी। बकरीद के मौके पर मुसलमान अपने घरों में बकरे की कुर्बानी करते हैं। जिसके चलते शहर के मेन चौराहों पर इन दिनों बकरों की मंडी भी लगती थी लेकिन इस बार कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जानवरों का बाजार नहीं लग रहा है। इसलिए बकरा पालकों और बकरा खरीदने वालों को दिक्कतें हो रहीं हैं।

अब बकरों की ऑनलाइन खरीद भी शुरू की गई है। लोग मोबाइल से बकरों की फोटो खींचकर डाल रहे हैं। मोबाइल से ही बकरों के रेट तय हो रहे हैं। इसीलिए कुर्बानी के लिए बाजारों में बकरों की खरीदारी होने लगती है। लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए इस बार बकरों के बाजार नहीं लग सके हैं। आनलाइन बिकने वाले बकरों में 10 हजार से लेकर 502 हजार रुपए तक के बकरे इन दिनों मौजूद हैं।

शहर में यहां बिकते थे बकरे
हर साल बकरीद के समय देखा जाता था कि शहर के कुतुबखाना, बड़ा बाजार, कोहाड़ापीर, शहदाना रेलवे ग्राउंड, बारादरी थाने के सामने, मीरा की पैठ, चौपला, डेलापीर मंडी, फतेहगंज पश्चिमी, देवचरा, सीबीगंज की बाजारों में बकरीद से एक सप्ताह पहले तक बकरा खरीदने की काफी बड़ा बाजार लगता था। मगर अब कोरोना के चलते बाजारों पर पाबंदी लगी हुई है। ऐसे में लोगों ने आनलाइन बकरों की खरीदारी शुरू कर दी है।

बाजार में मौजूद इन नस्लों के बकरे
पशु कारोबारी कलुआ कुरैशी ने बताया कि कुर्बानी के लिए बाजार में अनेक नस्लों के बकरे आए हुए हैं। इनमें मूंड़ा, सिंग वाला, तोतापरी, अमृतसरी, कस्सी बकरे शामिल हैं। इनकी कीमत 502 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक है।

दूसरे राज्यों में भी जाते थे व्यापारी
जिले के व्यापारी बकरे बेचने के लिए देश के अन्य प्रदेशों में भी जाते हैं। लाकडाउन और कोरोना के कहर को देखते हुए दूसरे प्रदेशों को व्यापारी बकरे ले जाने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद, बंगलूर, जयपुर आदि शहरों में जानवरों के बाजार नहीं लग रहे हैं। इसलिए इस बार बकरे नहीं ले जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि जब आनलाइन मेरे बकरों की बिक्री हुई तो कई अन्य लोगों ने भी यह तरीका अपनाना शुरू किया है। अब ऑनलाइन बकरों की खरीद शुरू हो गई है।

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