सोम प्रदोष व्रत 2022: आज भोलेनाथ के दर्शन से पूरी होगी मनोकामना, जानिए प्रदोष व्रत का महत्व,करें ये उपाय

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प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि आज के दिन जो व्यक्ति शिवजी की उपासना और प्रदोष व्रत करता है, वह सभी पापकर्मों से मुक्त होकर पुण्य को प्राप्त करता है। साथ ही उसे उत्तम लोक की प्राप्ति होती है।

Som Pradosh Vrat: द्वादशी तिथि आज सुबह 10 बजकर 7 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। आप सभी जानते हैं कि हर माह के कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत होता है। सप्ताह के सातों दिनों में से जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, उसी के नाम पर उस प्रदोष का नाम रखा जाता है। ऐसे में आज सोम प्रदोष व्रत है। आपको बता दें कि किसी भी प्रदोष व्रत में प्रदोष काल का बहुत महत्व होता है। त्रयोदशी आज रात के समय रहेगी, इसलिए प्रदोष व्रत आज ही के दिन किया जाएगा।

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि आज के दिन जो व्यक्ति शिवजी की उपासना और प्रदोष व्रत करता है, वह सभी पापकर्मों से मुक्त होकर पुण्य को प्राप्त करता है। साथ ही उसे उत्तम लोक की प्राप्ति होती है।

रात्रि के प्रथम पहर यानी सूर्योदय के बाद शाम के समय को प्रदोष काल कहते हैं। हेमाद्रि के व्रत खण्ड-2 में पृष्ठ 18 पर भविष्य पुराण के हवाले से बताया गया है कि त्रयोदशी की रात के पहले पहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है वह सभी पापों से मुक्त होता है। अतः आज के दिन रात के पहले पहर में शिवजी को कुछ न कुछ भेंट अवश्य करना चाहिए। साथ ही आज प्रदोष व्रत के दिन शिव जी के निमित्त कुछ विशेष उपाय करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

प्रदोष व्रत के दिन करें ये उपाय
शुद्ध जल में दूध और गंगाजल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। सोम प्रदोष के दिन सवा किलो साबुत चावल लें। इनमें से कुछ चावल शिव मंदिर में चढ़ाएं और बाकी चावलों को किसी जरूरतमंद में बांट दें। महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥) का 11 बार जाप करें। बालू, राख, गुड़ और मक्खन मिलाकर शिवलिंग बनाएं और उसका विधि-विधान से पूजन करें। आज शिवलिंग पर ‘ऊँ नमः शिवाय’ बोलते हुए धतूरा चढ़ाएं।

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