Kanpur News : ड्राइंग रूम ही तो नहीं कर रह आपको बीमार, कहीं आप तो नहीं कर रहे यह गलती, पढ़ें पूरी खबर
Kanpur News कानपुर में ड्राइंग रूम ही आपको बीमार नहीं कर रहा है। सफाई के अभाव में धूल के सूक्ष्म कण जम रहे है। सांस लेने पर गले में परत जमा होती है। फेंफड़े में जहरीले बैक्टीरिया पहुंच रहे है।
कानपुर, अमृत विचार। Kanpur News मेहमानों पर रौब जमाने के लिए घर के ड्राइंग रूम में लगाए गए शो प्लांट, महंगे सोफा, कीमती पर्दे और टेडी वेयर जैसे सामानों पर जमी धूल अनजाने में घातक बीमारी दे रही है। प्रतिदिन सफाई नहीं होने से धूल के छोटे वैक्टीरिया नाक व सांस के माध्यम से शरीर में पहुंचकर डस्ट एलर्जी के नाम पर बीमारियां दे रहे हैं।
सोफा या फिर पर्दे पर जमे सूक्ष्म कण सांस व नाक के माध्यम से गले को चोक कर देते हैं। ऐसे में जुकाम होता है, सांस फूलती है, नाक से पानी आता है और आंख लाल होती है। जल्दी-जल्दी खांसी और जुकाम होने की स्थिति बनी रहती है। यह मौसम का प्रभाव तो होता ही है साथ में घर में रखे सजावटी सामान के उपर जमी धूल संपर्क में आने पर सांस के माध्यम से प्रभावित करती है।
कांशीराम चिकित्सालय के सीनियर फिजीशियन डॉ. ओपी राय ने बताया कि अधिकांश मरीजों को पता नहीं चलता है कि उन्हें अक्सर जुकाम क्यों होता है। वे बीमारी को सीजन का प्रभाव मानते हैं। लेकिन एक वास्तविकता घर में सजायी गईं लग्जरी व शो पीस वाली वस्तुएं होती हैं।
मेडिकल भाषा में इसे एयर डस्ट एलर्जी कहते हैं। सर्दी व जुकाम के लक्ष्ण तो एलर्जी के कारण शुरूआत से दिखने लगते हैं। लेकिन सांस के माध्यम से शरीर के अंदर जाने वाले सूक्ष्म कण नजर नहीं आते। धीरे-धीरे यह फेफड़े पर जमा हो जाते हैं। बाद में घातक बीमारी बनकर उभरते हैं।
बीमारी के लक्ष्ण
- बार-बार जुकाम होना
- आंख से पानी बहना
- आंखे लाल होना
- नाक से पानी बहना
- गले में खराश बनी रहना
- सोने के बाद सुबह खराश होना
- आंखों में जलन होना
- घर में चहलकदमी पर सांस फूलना
कैसे करें बीमारी से बचाव
- घर में सफाई के दौरान मुंह पर कपड़ा बांधे
- बहुत दिनों तक धूल जमा नहीं होने दें
- शो प्लांट घर से बाहर निकालकर साफ करें
- सोफा पर रेशेवाले कवर न डालें
- लग्जरी पर्दों को समय-समय पर साफ करें
- बच्चों को टेडीवियर व रोएंदार खिलौने से रखें दूर
- सफाई के समय बुजुर्ग और बच्चों को रखें बाहर
