बदायूं: पुलिस की जांच में दोषी पाए गए भाजपा नेता व पूर्व विधायक रामसेवक पटेल
पूर्व विधायक, उनके बेटे और पुत्रवधू के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, दूसरी पत्नी भाग्यश्री ने पांच लोगों पर लिखाई थी मारपीट रिपोर्ट
बदायूं, अमृत विचार। पुलिस की जांच में पूर्व विधायक रामसेवक पटेल, उनके बेटे और पुत्रवधू मारपीट, धमकी देने और अपमानित करने के आरोप में दोषी पाए गए। पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। पुलिस की जांच में पूर्व विधायक की बेटी और बरेली की जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल और भाई महेंद्र निर्दोष पाए गए, जिससे इन दोनों को क्लीनचिट दे दी गई है।
बरेली के थाना इज्जतनगर क्षेत्र की बसंत बिहार कॉलोनी निवासी भाग्यश्री ने 20 जून 2022 को कोतवाली सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें शहर मधुवन कॉलोनी निवासी पांच बार के विधायक रामसेवक सिंह पटेल, उनके भाई महेंद्र पटेल, बेटे रोहित पटेल, उनकी पत्नी पिंकी राठौर और बेटी बरेली की जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल को नामजद किया गया था। भाग्यश्री के मुताबिक 2007 में उनकी शादी रामसेवक सिंह से हुई थी।
वह पूर्व विधायक रामसेवक की चौथी पत्नी हैं। उनके अलावा रामसेवक के तीन पत्नियां हैं, जिनके एक बेटा और एक बेटी हैं। भाग्यश्री के 14 वर्षीय बेटी है। भाग्यश्री का आरोप है कि पूर्व विधायक, उनके भाई महेंद्र, बेटा पुत्रवधू और बेटी शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान करने के साथ मारपीट करते थे। भाग्यश्री के मुताबिक उनके नाम एक पिस्टल, दो स्कूटी, एक कार और एक मकान है।
इनमें कार, पिस्टल, आभूषण आरोपियों ने अपने पास रख लिए हैं। आरोप है कि पूर्व विधायक भाग्यश्री की लाइसेंसी पिस्टल से उनकी और उनकी बेटी की हत्या करने की धमकी देते हैं। 10 मई 2022 को भाग्यश्री को बुरी तरह पीटा। मिट्टी का तेल डालकर जान से मारने की कोशिश की। कई दिनों तक भूखा रखा गया। फिर खाली हाथ घर से निकाल दिया।
एसएसपी के निर्देश पर इस मामले की विवेचना सिविल लाइन कोतवाली में तैनात अपराध निरीक्षक सहंसरवीर सिंह ने की। उनकी विवेचना में पूर्व विधायक रामसेवक पटेल, उनके बेटे रोहित, पुत्रवधू पिंकी राठौर को दोषी माना गया है। उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई। इस मामले में महेंद्र और रश्मि पटेल को क्लीनचिट दे दी है।
बरेली जिला पंचायत अध्यक्ष ने की थी निष्पक्ष जांच की मांग: भाग्यश्री की ओर से लिखाई गई रिपोर्ट का पता चलने पर बरेली की जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल बदायूं आकर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह से मिली थीं। उन्होंने बताया था कि वह कई दिनों से बीमार चल रही हैं। उनका ऑपरेशन हो चुका है।
उनके अपने पिता व पूर्व विधायक रामसेवक से पिछले 15 वर्षों से संबंध नहीं है। वह पिता के घर भी नहीं जाती हैं। राजनीतिक द्वेष के चलते रिपोर्ट में उनका नाम शामिल किया गया है। उन्होंने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
कोतवाली में पूर्व विधायक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अपराध निरीक्षक ने मामले की विवेचना की। पूर्व विधायक, उनके बेटे और पुत्रवधू के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। शिकायतकर्ता महिला की स्कूटी, कार और उनकी लाइसेंसी पिस्टल उन्हें दिला दी गई है। ट्रायल कोर्ट में शुरू होगा। - राजेश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली सिविल लाइन
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