Kanpur : 15 हजार शादियों पर खर्च होंगे 7.5 अरब, 24 नवबंर से शुभ मुहुर्त शुरू, होटल, बैंकट हॉल में बुकिंग शुरू
कानपुर में कल से शादियां शुरू होगी।
कानपुर में 15 हजार शादियों पर 7.5 अरब खर्च होंगे। 24 नवबंर से शुभ मुहुर्त शुरू हो रहे है। इसमें दो महीने में सबसे ज्यादा आठ विशेष दिवसों पर शादियां होगी। दो हजार से ज्यादा होटल, बैंकट हॉल, लॉन और धर्मशालाएं बुक हो गई है।
कानपुर, अमृत विचार। इस बार कानपुर में शादियों के लिए मुहुर्त जरूर कम है, लेकिन शहनाई की गूंज से एक भी लॉन, होटल बैंकट हॉल खाली नहीं है। ज्योतिषों ने दो महीने में आठ मुहुर्त सुझाए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा जोड़ों के नए जीवन की शुरुआत होगी। एक अनुमान के अनुसार 15 हजार से ज्यादा शादियां इन 20 दिनों में होंगी। यानि कारोबार की दृष्टि से भी खूब धन वर्षा की उम्मीद है। माना जा रहा है कि शादियों में साढ़े सात अरब तक खर्च होगा।
नवंबर महीने में 21 तारीख से सहालग शुरू हो गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शहनाई बजने की शुरुआत 24 नवंबर से होगी। इस दिन से ही 14 दिसंबर तक आठ मुहुर्त सबसे शुभ हैं, जिसमें सबसे ज्यादा शादियां हैं। शादी कार्यक्रम को लेकर परिवारों ने महीनों पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। शहर में करीब दो हजार, होटल, बैंक्वेट हॉल, धर्मशालाएं और लॉन हैं। जो पहले से ही बुक कर लिए गए।
वहीं अभूषण, कैटरिंग, सजावट, फूल, लाइटिंग, बैंड बाजार, कपड़े, श्रृंगार सामग्री, ब्यूटीशियन आदि तमाम व्यवस्थाओं पर भी लाखों खर्च होंगे। माना जाता है कि औसतन एक शादी में दोनों ही पक्षों की ओर से पांच लाख रुपये तक खर्च होते हैं। इस हिसाब से 15000 शादियों में 7.5 अरब तक खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
शादियों में खर्च होने वाले इस बजट से यह साफ है कि इस बार कारोबारियों की खूब चांदी है। केवल होटल, बैंक्वेट हॉल ही नहीं, अन्य कारोबार में जैसे ज्वैलरी, कैटरिंग, सजावट, ब्यूटीशियन आदि पर भी खूब लक्ष्मी की कृपा होने वाली है। इसको लेकर अब शादी स्थलों पर तैयारियां भी शुरू हो गई हैं तो वहीं बाजार में चहल कदमी बढ़ गई है। कपड़ों से लेकर गहने तक के शोरूमों में काफी भीड़ है।
यह कहते हैं ज्योतिषाचार्य
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज द्विवेदी बताते हैं कि शुक्र तारा एक अक्टूबर को अस्त हुआ था, जो 21 नवंबर को उदय हो चुके हैं । इसलिए 24 नवंबर से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। शुक्र ग्रह विवाह, भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह है। ऐश्वर्य और उल्लास का प्रतीक ग्रह सूर्य के सानिध्य में अस्त हो जाए तो मान्यतानुसार मांगलिक कार्य सफल नहीं माने जाते। इसके बाद 16 दिसंबर से सूर्य धनु राशि में प्रवेश करने से मलमास प्रारंभ होगा। जिसके कारण एक माह के लिए मांगलिक कार्यो पर फिर से विराम लग जाएगा।
ये हैं शुभ मुहुर्त
24 नवंबर
25 नवंबर
27 नवंबर
2 दिसंबर
7 दिसंबर
8 दिसंबर
9 दिसंबर
14 दिसंबर
