लखनऊ:आतंकवाद के विरोध में 'अहलेबैत कांफ्रेंस' का आयोजन, कई दिग्गज धर्मगुरु होंगे शामिल
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी लखनऊ के नक्खास स्थित शिया डिग्री कॉलेज में आज ऑल इंडिया शिया हसैनी फंड ने चौथी अहलेबैत कांफ्रेंस को लेकर प्रेसवार्ता की। इस प्रेसवार्ता में शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास, मौलाना सैफ अब्बास, मौलाना एजाज़ अतहर, मौलना जाफ़र अब्बास और हुसैनी फंड के सचिव हसन मेहदी मौजूद रहे।
प्रेसवार्ता के दौरान शिया धर्मगुरुओं ने बताया कि हसैनी फंड 26 नवंबर को शिया डिग्री कॉलेज नक्खास में "अहलेबैत कांफ्रेंस का आयोजन कर रहा है। इस आयोजन में देश के अलग-अलग प्रदेशों से प्रतिनिधि शामिल होंगे और इसके अलावा इस आयोजन में सैकड़ों धर्मगुरुओं के आने की संभावना है। शिया धर्मगुरुओं ने आगे बताया कि कान्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य " अहलेबैत अ स यानी कि अज़ादारी ए इमाम हुसैन की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना है और सांप्रदायिक सौहार्द्र" को बढ़ावा देना है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस दौरान हमारा एक और मुख्य उद्देश्य आतंकवाद का विरोध करना है।
इस दौरान शिया धर्मगुरू मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र बन गया है। जहां शिया समुदाय को सिपाहे साहबा और अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठन लगातार निशाना बना रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि फीफा वर्ल्ड कप 2022 में ज़ाकिर नायक को बुलाकर चरमपंथ को बढ़ावा दिया गया है। ज़ाकिर नायक के व्याख्यान हमेशा ही इस्लाम विरोधी होते हैं और आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। इसलिए 26 नवंबर को हम सब एक साथ आकर जन जन तक आतंकवाद को रोकने के लिए आवाज पहुंचाएंगे।
वहीं शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि सऊदी अरब के बाद अब पाकिस्तान के लौहार से चरमपंथ फैलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य अज़ादारी ए इमाम हुसैन (अ स) को कमज़ोर करना है। उन्होंने कहा कि दरअसल, अज़ादारी ज़ुल्म और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की शिक्षा देती है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में भी कुछ लोग लाहोर से मिल रही इस्लाम, कुरान और अहलेबैत विरोधी शिक्षा का प्रचार कर रहे हैं। जिनके चेहरों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द ही सामने लाया जाएगा।
