मुरादाबाद : फार्म पर फोटो धुंधली मिली तो स्कूल की मान्यता होगी निरस्त, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को दिए जांच के निर्देश

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28 नवंबर तक खोला पोर्टल, पिछले साल 734 विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र पर धुंधले थे फोटो

मुरादाबाद,अमृत विचार। यूपी बोर्ड की तैयारियां तेजी के साथ जारी हैं। नकलविहीन परीक्षा को बोर्ड सख्त है। 28 नवंबर तक वेबसाइट खोलकर बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को अपनी व विद्यार्थियों की गलती सुधारने का मौका दिया है। ताकि, विद्यार्थियों की फोटो धुंधली या अस्पष्ट अपलोड हुई हो तो उसे ठीक कर लिया जाए। अन्यथा लापरवाही मिलने पर ऐसे कालेज के प्रधानाचार्य के विरुद्ध कार्रवाई होगी। स्कूल की मान्यता पर भी संकट रहेगा।

जिले में कुल 437 माध्यमिक कॉलेज हैं। जिनमें 38 राजकीय, 54 सहायता प्राप्त और 345 वित्तविहीन कॉलेज हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। एसडीएम स्तर पर केंद्रों पर मानकों की जांच अंतिम चरण में है। रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड द्वारा अंतिम मुहर लगाई जाएगी। जिले में इस बार हाईस्कूल में 44,430 और इंटरमीडिएट में 41,241 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। जो कि बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के आवेदन में भरी गई जानकारी को सही करने का मौका दिया है। 

बोर्ड अधिकारियों व शिक्षाधिकारियों का मानना रहता है कि कुछ गलतियां तो मानवीय भूल के कारण हो जाती हैं। लेकिन, कुछ गलती प्रधानाचार्य जानबूझकर भी करते हैं। ऐसा वो प्रधानाचार्य करते हैं जो नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने की मंशा में रोड़ा अटकाना चाहते हैं। पूर्व की परीक्षाओं में भी कई प्रधानाचार्यों की शिकायतें मिली थीं कि उन्होंने परिषद की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थी का फोटो अपलोड नहीं की थी। परीक्षा के दौरान पात्र व पंजीकृत विद्यार्थी के स्थान पर किसी अन्य छात्र को परीक्षा दिलाने के प्रयास के चलते कुछ प्रधानाचार्य ऐसा कर देते हैं। अब लापरवाही पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी। 

इस वर्ष 734 आवेदन पत्र में मिली थी शिकायत
वर्ष 2021-22 में 176 स्कूलों ने 734 फॉर्म में से कुछ में फोटो धुंधली तो कुछ बिना फोटो के ही अपलोड करने का मामले सामने आया था। बोर्ड ने नाराजगी व्यक्त करते हुए विद्यालय प्रबंधकों को 28 फरवरी तक नये सिरे से फोटो अपलोड करने का समय दिया था। आवेदनों को निरस्त करने की चेतावनी दी थी।

बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों के स्पष्ट फोटो अपलोड कराने के निर्देश दिए हैं। 28 नवंबर तक पोर्टल खोला गया है। इसके बावजूद भी किसी विद्यार्थी का आवेदन ऑनलाइन अपलोड होने से रह गया तो इसके जिम्मेदार स्वयं प्रधानाचार्य ही होंगे। - डॉ. अरुण कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक

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