बांदा: पसमांदा मुसलमान वोट बैंक नहीं, सामाजिक न्याय व समता की लड़ाई का हिस्सा
बांदा, अमृत विचार। पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी आज भी मुस्लिम विरोधी सिद्धांत पर काम कर रही है। कहा कि वह साफ कर देना चाहते हैं कि पसमांदा मुसलमान वोट बैंक नहीं, सामाजिक न्याय और समता की लड़ाई का हिस्सा है। यदि भाजपा को उनका वोट चाहिये तो उनकी चिंता भी करनी होगी।
पसमांदा मुस्लिम समाज का मंडलीय सम्मेलन गुरुवार को शहर के पीली कोठी में आयोजित हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज एक सामाजिक संगठन है, जो बीते 15 वर्षों से मुसलमानों में जागरूकता, सामाजिक बराबरी, सत्ता में भागीदारी और राजनीतिक चेतना के लिये लोगों के बीच जाकर धरातल पर काम कर रहा है। समाज की ओर से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्राचार के माध्यम से लगातार अवगत कराता आ रहा है।
परिणाम स्वरूप सरकारों ने पसमांदा समाज की फिक्र की है। रंगनाथ मिश्रा कमीशन का जिक्र करते हुए कहा कि यह सब केंद्र की सरकारों ने पसमांदा मुसलमानों के हालात जानने के लिये बनाये हैं। तत्कालीन सरकारों ने रिपोर्ट तो मंगवा ली लेकिन लागू नहीं किया।
प्रधानमंत्री ने पसमांदा मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने की जरूरत बताई है। इससे पसमांदा समाज को बल मिला है। उनके भीतर से एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। अनीस मंसूरी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री वास्तव में पसमांदा मुसलमानों के हतैषी हैं तो अनुसूचित जाति-जनजाति से धर्म परिवर्तन करने वाले मुसलमानों और ईसाइयों को अनुसूचित जाति के आरक्षण का लाभ बिना आयोग गठन के दें।
पसमांदा समाज के मंडलीय सम्मेलन में याकूब अली सौदागर, मंडल अध्यक्ष एनुल हक, मंडल महासचिव रहीम बख्श, जिलाध्यक्ष बांदा सलीम मंसूरी, जिलाध्यक्ष महोबा अंसार मंसूरी, जिलाध्यक्ष हमीरपुर सलीम वारसी, मौलाना इलियास मंसूरी समेत समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
