उन्नाव: फर्जी प्रमाण पत्र से बने प्रधान, दर्ज हो सकती है एफआईआर

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Edited By Amrit Vichar
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उन्नाव। उन्नाव के बिछिया ब्लॉक की तौरा ग्राम सभा मे प्रधानी पाने के लालच में फर्जीवाड़ा करना युवक को पड़ सकता महंगा। यहां ग्राम प्रधान निर्मल कुमार का पंचायत चुनाव को लेकर फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां अप्रैल 2021 में हुए पंचायत चुनाव की तौरा गांव की आरक्षित सीट पर निर्विरोध चुने गए निर्मल कुमार का जाति प्रमाणपत्र फर्जी निकला है। गांव के ही लोगों की शिकायत पर जांच के बाद जिसे निरस्त कर दिया गया है। ऐसे में अब सीट के रिक्त होने और फर्जी प्रमाणपत्र लगाने में प्रधान पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार पिछले साल 2021 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान बिछिया ब्लाक की ग्राम पंचायत तौरा की प्रधान सीट को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित किया गया था। जिसपर गांव के निर्मल कुमार ने खुद को थारू जाति (st) का बताते हुए लखनऊ के सरोजनी नगर के अस्थायी पते से बनवाए गए एसटी जाति प्रमाणपत्र सहित नामांकन पत्र में दाखिल किया था।

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वहीं कोई अन्य नामांकन दाखिल न होने की स्थिति में निर्मल कुमार को निर्विरोध प्रधान चुन लिया गया था। बाद में गांव के ही राहुल पांडेय व जयप्रकाश तिवारी ने जाति प्रमाणपत्र के फर्जी होने की आशंका पर शिकायत डीएम लखनऊ से की थी। जिसके बाद लखनऊ डीएम के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय टीम ने जाति प्रमाणपत्र की जांच की। मामले में उन्नाव सदर एसडीएम व बीडीओ बिछिया के साथ बीएसए से भी रिपोर्ट मांगी गई।

रिपोर्ट में सभी ने एसटी के जाति प्रमाणपत्र को गलत बताया गया। इसी आधार पर जांच समिति ने एसटी प्रमाणपत्र को फर्जी बताते हुए उसे निरस्त कर दिया और इसकी जानकारी जिला प्रशासन को पत्र भेजकर दी। अब निर्मल कुमार की प्रधानी पर संकट के बादल तो मंडराने लगे ही हैं बल्कि उस को प्रधानी सीट के लिए किये गए इस फर्जीवाड़े पर एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।

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