प्रौद्योगिकी ने शासन को लोकतांत्रिक बना दिया है: धनखड़

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रौद्योगिकी ने पारदर्शिता और जवाबदेही लाकर शासन का लोकतांत्रिकरण किया है और यह समावेशी और सतत विकास के आदर्श को प्राप्त करने में मदद करती है। धनखड़ ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में यूनेस्को-भारत-अफ्रीका हैकथॉन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अफ्रीका के साथ महात्मा गांधी जी के घनिष्ठ संबंध रहे हैं और वसुधैव कुटुम्बकम की हमारी सदियों पुरानी सभ्यतागत लोकाचार दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव का मार्गदर्शन करती है। 

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भारत को अवसरों और निवेश के लिए एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नवाचार आधारित उद्यमिता की एक नई संस्कृति भारत में जड़ें जमा रही है। स्टार्ट-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, भारत नेट, पीएम गतिशक्ति मिशन जैसी विभिन्न पहल इसका उदाहरण हैं। उन्होंने उद्यमशीलता और नवाचार को फलने-फूलने के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने के लिए सरकार की सराहना की। 

उपराष्ट्रपति ने हैकथॉन के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और युवा अन्वेषकों से कहा कि आपका सक्रिय रुख सभी के बेहतर भविष्य को सुरक्षित करेगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, यूनेस्को के वरिष्ठ अधिकारी तथा 13 अफ्रीकी देशों के मंत्री, छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। धनखड़ ने कहा कि भारत और उसके अफ्रीका के घनिष्ठ संबंध है। उन्होंने कहा, यह वैश्विक हैकाथॉन संदेश देता है कि युवा एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए एक साथ आ सकते हैं।

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