रामपुर : पूर्व विधायक यूसुफ अली को चार मामलों में छह माह की सजा, जुर्माना
एमपी-एलएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल की कोर्ट में चल रही थी सुनवाई
रामपुर, अमृत विचार। पूर्व विधायक यूसुफ अली को आचार सहिता उल्लंघन के चार मामलों में छह की सजा हुई। जिसमे में एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। बाद में उनको जमानत पर मिल गई। चारों ओर मिलकखानम थाने में दर्ज हुए थे।
यूसुफ अली बसपा की टिकट पर 2012 में चमरौआ विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। बाद में वो कांग्रेस में शामिल हो गए थे। अब भाजपा में शामिल हैं। उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में शहर कोतवाली में छह,भोट थाने में चार,मिलकखानम थाने में सात मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल में चल रही है।
सभी मामलों में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अदालत का फैसला आना शेष रह गया था। शुक्रवार को एमपी-एलएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल की कोर्ट के पीठासीन अधिकारी निशात मान ने यूसुफ अली को छह माह का कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बाद में अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिसके बाद उनको जमानत मिल गई। अभियोजन अधिकारी अमर नाथ तिवारी ने बताया कि यूसुफ अली को मिलक खानम में दर्ज 127 एक की धारा में छह माह की सजा और एक हजार का जुर्माना लगाया है।
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