मेरठ: कृषि विश्वविद्यालय में पारथेनियम मुक्त भारत बनाने की पहल, छात्रों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
मेरठ, अमृत विचार। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति डॉ. केके सिंह ने पारथेनियम मुक्त भारत राष्ट्रीय सेवा योजना एक पहल की शुभारंभ किया। इस पहल को देश में पहली बार कृषि विवि के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया। जिसमें, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
खेती के लिए हानिकारक है पारथेनियम
कुलपति डॉ. केके सिंह ने बताया कि पारथेनियम सबसे अधिक हानिकारक खरपतवारओं में से एक है, जो चारागाह भूमि, खेती वाले क्षेत्रों, सड़कों के किनारे, मनोरंजन वाले क्षेत्रों, नदी के किनारे और बाढ़ के मैदानों पर तेजी से बढ़ रहा है।
यह पौधा सभी प्रकार की मिट्टी में उग सकता है और यह खरपतवार नमी और तापमान की एक विस्तृत श्रृंखला में विकसित हो सकता है। लेकिन, बीज के अंकुरण के लिए उच्च मिट्टी की नमी की आवश्यकता होती है। यह फोटोपीरियड और थर्मोपीरियड असंवेदनशील है और सालभर खिल सकता है। बताया कि खेती के साथ यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
मानव और पशु स्वास्थ्य पर प्रभाव
कुलपति डॉ. केके सिंह ने बताया कि पारथेनियम पराग नाक और ब्रोन्कियल एलर्जी का कारण बनता है। इससे खुुजली, बालों का झड़ना, त्वचा का अपचयन, अल्सर का विकास, मुंह और आंत में घाव हो जाते है। बताया कि यह पशुओं में तीव्र और पुरानी दोनों तरह की विषाक्तता का कारण बनता है। दूध की पैदावार में कमी आती है।
छात्रों ने लिया पारथेनियम मुक्त भारत का संकल्प
कुलपति डॉ. केके सिंह ने राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्रों को पारथेनियम मुक्त भारत का संकल्प दिलाया। इसके बाद कृषि विवि में छात्रों ने पारथेनियम को खत्म करने की शुरुआत की। साथ ही कुलपति ने छात्रों को वातावरण इको फ्रेंडली बनाने, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, पॉलिथीन के प्रयोग ना करने का भी संकल्प दिलाया।
इस दौरान कुलसचिव डॉ. बीआर सिंह, डॉ. राजीव सिंह, प्रो. विवेक धामा, प्रो. रविंद्र कुमार, डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, प्रो. आर एस सेंगर, डॉ. निलेश कपूर, डॉ. पंकज चौहान, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. निलेश चौहान, डॉ. अर्चना आर्य, डॉ. विपुल ठाकुर, डॉ. शैलजा, डॉ. दीपक, मिश्रा, डॉ. अशोक यादव, मनोज सेंगर, डॉ. विपिन बालियान, डॉ. दान सिंह आदि मौजूद रहे
