Pollution News : प्रदेश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में Kanpur, NCR के बाद सबसे ज्यादा दूषित है शहर की हवा
Pollution News कानपुर शहर सबसे ज्यादा हो रहा प्रदूषित।
Pollution News प्रदेश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में एक कानपुर भी है। यहां एनसीआर के बाद सबसे ज्यादा शहर की हवा दूषित है। प्रदूषण मानकों के अनुसार खराब स्थिति में पर्यावरण पहुंचा है।
कानपुर, अमृत विचार। Pollution News शहर की हवा को अनियंत्रित दूषित कणों के हमलों ने एक बार फिर से खराब स्थिति में पहुंचा दिया है। नतीजा यह है कि प्रदेश के सबसे प्रदूषित दस शहरों में कानपुर भी शामिल हो गया है। शुक्रवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 230 एक्यूआई रिकार्ड किया है। सबसे ज्यादा बुरी मुजफ्फरनगर की है, जहां प्रदूषण बहुत खराब स्थिति में पहुंच गया है तो वहीं मुराबाद की हवा डेढ़ सौ एक्यूआई के करीब होने के चलते संतुलित बताई जा रही है।
शहर की हवा लगातार दूषित हो रही है। कभी दिल्ली जितनी खराब स्थिति में पहुंच जाती है तो कभी मंडल मुख्यालयों में सबसे ज्यादा एक्यूआई कानपुर शहर का ही होता है। प्रदूषण की वजह सभी जानते हैं। सड़कों की दुर्दशा से उड़ती धूल और उस पर पानी का नियमित छिड़काव नहीं होना। सड़कों पर दौड़ते अनफिट वाहनों पर कोई लगाम नहीं होना।
शहर में शास्त्री चौक से बर्रा बाइपास की सड़क, श्रीराम चौक से यशोदा नगर बाईपाास, श्रीराम चौक से प्रेगमा स्कूल वाली रोड, प्रताप होटल वाली रोड, कचरही के पास काफी गड्ढे हैं, मोतीझील के गड्ढों से रोज उड़ती है धूल, शनि मंदिर के पीछे चुन्नीगंज से ग्वालटोली रोड, आर्यनगर से चांदनी नर्सिंग होम वाली सड़क आदि के खस्ताहाल होने से धूल उड़ने की समस्या रहती है।
परेड के पास स्टेशन के नजदकी, बिरहाना रोड, एलआईसी चौराहा और वहां से जाजमऊ जाने वाला रास्ता जो भी चुनता है धूल से खांसता हुआ घर पहुंचता है। नतीजा यह है कि प्रदेश में सेहत के लिए खतरनाक होते जा रहे शहरों में कानपुर भी शामिल हो रहा है।
मास्क लगाएं, रखें ख्याल
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार वायु प्रदूषण से सभी तरह की गैर संचारी रोग जैसे हृदय संबंधित, प्रतिरोधक क्षमता, डायबिटीज, गठिया आदि का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सेहत पर सबसे अधिक बुरा असर पार्टिकुलेट मैटर (पीएम), ओजोन, नाइट्रोजन डाय ऑक्साइड और सल्फर डाईऑक्साइड का पड़ता है। सांस के रोगी बन सकते हैं, इसके अलावा भी स्किन, बाल, कान और आंख संबंधित तकलीफें भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि मास्क लगाएं और सावधानी बरतें।
गली मोहल्ले भी प्रदूषण की चपेट में
शहर में गली मोहल्ले भी प्रदूषण की चपेट में हैं। धुंध केवल बड़ी सड़कों पर ही नहीं है। बाजार और गली मोहल्लों में भी इस धुंध की परत को देखा जा सकता है। इससे यह साफ है कि घर के बाहर निकलते ही आपका सामना प्रदूषण से होगा। इसलिए कोशिश करें कि अपने घर के बाहर पानी का छिड़काव कर दें, जिससे धूल नहीं उड़े। बाहरी खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, फल सब्जी धुलकर ही खाएं।
जानें किस शहर में कितनी एक्यूआई
शहर एक्यूआई
मुजफ्फरनगर 335
ग्रेटर नोएडा 332
मेरठ 306
गाजियाबाद 302
लखनऊ 239
हापुड़ 231
कानपुर 230
बरेली 196
झांसी 176
मुरादाबाद 146
