Indian Railway: घंटाघर पर Central Station की बदलेगी सूरत, Metro के चलते पार्किंग बदलने की गई व्यवस्था
Indian Railway कानपुर में अब सेंट्रल स्टेशन की बदलेगी सूरत।
Indian Railway कानपुर के घंटाघर पर सेंट्रल स्टेशन की 20 मीटर लंबी दीवार टूटने के साथ पार्किंग शिफ्ट होगी। वहीं, मेट्रो स्टेशन के कार्य के चलते व्यवस्था की जा रही है।
कानपुर, अमृत विचार। Indian Railway घंटाघर की ओर सेंट्रल स्टेशन की पार्किंग को बदला जाएगा। मेट्रो स्टेशन का काम शुरू होगा, जिसके तहत इसे शिफ्ट किया जाएगा। शुक्रवार को डिप्टी सीटीओ (डिप्टी चीफ ट्रैफिक ऑफिसर) आशुतोष सिंह ने स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी व अन्य अधिकारियों के साथ स्टेशन व स्टेशन के बाहर पार्किंग स्थल का निरीक्षण किया। जल्द इस कार्रवाई को पूरा करने के निर्देश दिया।
रेलवे स्टेशन के बाहर घंटाघर की साइड मेट्रो स्टेशन तैयार होना है। अंडरग्राउंड बनने वाले मेट्रो स्टेशन की खुदाई का काम वर्तमान बाइक पार्किंग स्थल पर ही होनी है। मेट्रो स्टेशन कार्य के चलते सेंट्रल स्टेशन के हनुमान मंदिर से जगह चिन्हित की गई है। इस दायरे में कार पार्किंग भी आएगी। एक महीने के भीतर मेट्रो का काम भी शुरू हो सकता है।
शासन मेट्रो कार्य की गति बढ़ाने पर जोर दे रही है, लिहाजा अधिकारी भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। शुक्रवार को पार्किंग को पुराना तांगा स्टैंड (सेंट्रल स्टेशन) पर दीवार को तोड़ने और फिर वहां पार्किंग शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है।
इसके साथ ही खड़ी कंडम गाड़ियों को रेलवे परिसर से हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। छोटा सा अन्य निर्माण भी तोड़ा जाएगा और जो खोखे सटे हैं, उन्हें हटाया जाएगा। जल्द ही महा प्रबंधक भी सेंट्रल स्टेशन पर निरीक्षण करने आने वाले है, लिहाजा अधिकारियों ने मौके पर मिली छुटपुट कमियों में भी जल्द सुधार करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान इंजीनियर एके गुप्ता आदि अधिकारी शामिल रहे।
रेलवे की लाइट से बन रहा था साइन बोर्ड
पुराने तांगा स्टैंड स्थल पर डिप्टी सीटीओ के निरीक्षण के दौरान रेलवे की बिजली से साइन बोर्ड बनता पाया गया। फौरन काम रुकवाया गया और ड्रील मशीन और तार जब्त कर लिया गया।
खुले मैनहोल, बदबू से परेशान मुसाफिर
घंटाघर की ओर से भूतल स्थल के रास्ते जब बाहर आते हैं तो कई खुले मैनहोल देखे गए। सीवर के पानी से भरे इन मैनहोल से बदबू आ रही थी। यात्री गुजरते वक्त मुंह ढककर निकल रहा था। काफी समय से इस अव्यवस्था पर अधिकारियों की नजर नहीं थी। डिप्टी सीटीओ ने इसे ढकने के निर्देश दिए।
स्टेशन के भीतर प्रसाधन में पानी नहीं
पूछताछ केंद्र सामने वाले प्रसाधन में गुरुवार सुबह चार बजे से पानी ही सप्लाई नहीं हुआ था। दोपहर दो बजे करीब निरीक्षण के दौरान जब प्रसाधन जांचा गया तो उसे अंदर से बंद किया गया था। पूछने पर पानी संकट की समस्या सामने आई। शौचालय बंद होने से वहां यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
ट्रैक पर जलभराव, पाइप लीकेज
स्टेशन में रेलवे ट्रैक पर जलभराव की समस्या सामने आई। पाइप लाइनों के लीकेज होने से यह समस्या कई ट्रैक पर देखने को मिली। इस वजह से मच्छरों की समस्या तो परेशानी की वजह थी ही, साथ ही ट्रैक को भी नुकसान पहुंच रहा था।
