'मन की बात' में छाया हरदोई का ये गांव, प्रधान को PM MODI ने सराहा
सीएम योगी पहले ही कर चुके हैं सम्मानित
हरदोई, अमृत विचार। " कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं हो सकता एक पत्थर तबियत से तो उछालो यारो " यह कहावत हरदोई जिले के मल्लावां विकासखंड के बांसा गांव के प्रधान संपूर्णानंद सिंह पूनम ने सच कर दी । उन्होंने गांव में सामुदायिक पुस्तकालय की स्थापना की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी रविवार को मन की बात में उन्हें सराहा। मोदी ने बांसा गांव में चल रही सामुदायिक लाइब्रेरी के संचालन की सराहना की । प्रधान ने गांव के सचिवालय में ग्रामीणों के लिए सभी काम कंप्यूटराइज उपलब्ध कराएं। जिसमें फोटोकॉपी व खतौनी ग्रामीणों को निशुल्क दी जाती है। प्रधान द्वारा ग्रामीणों की सहायता के लिए अपने पास से एंबुलेंस भी चलाई जाती है।
बताते चलें कि ग्राम प्रधान संपूर्णानंद पूनम ग्रामीण बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सामुदायिक पुस्तकालय चलाते हैं। गांव के बच्चों के विकास के लिए वह लगातार लगे रहते हैं जब गांव के बच्चे मुख्यालय पर छात्रवृत्ति की परीक्षा देने जाते हैं। तब वह उन्हें निशुल्क बसों से मुख्यालय भेजते हैं। खाने-पीने का प्रबंध भी वही करते हैं । ग्राम प्रधान ने ग्राम सचिवालय में जनता के सहयोग के लिए जन सुविधा केंद्र स्थापित कर रखा है। जिसमें विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन , दिव्यांग पेंशन सहित सभी सरकारी योजनाओं के आवेदन सरकारी फीस पर प्रधान द्वारा कराए जाते हैं। इस सामुदायिक भवन में ग्रामीणों के लिए खतौनी व फोटोकॉपी की सुविधा प्रधान द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। गांव के लोगों की सहायता के लिए प्रधान अपने खर्चे से एक एंबुलेंस भी रखते हैं। जब किसी को इसकी जरूरत होती है तो निशुल्क भेजते हैं। ग्राम प्रधान सरकार से कभी भी इस बात की शिकायत नहीं करते कि उनके पास धन कम है जब कहीं पर आवश्यकता देखते हैं तो निजी संसाधनों से गांव का विकास कराते हैं ।उनका गांव किसी शहर से कम नहीं है ।
हाल ही में 20 राज्यों के ग्राम प्रधानों की कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी उनको सम्मानित कर चुके हैं ।इससे पूर्व स्कूल चलो अभियान की विशेष सफलता परके लिए प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्र भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं। गांव में शहर से सुविधाएं देने के लिए ग्राम प्रधान निरंतर लगे हुए हैं ।2020 में उन्होंने सामुदायिक पुस्तकालय की स्थापना की थी। यहां पर गांव के बच्चे व किसी भी उम्र के व्यक्ति को निशुल्क पुस्तकें प्रदान की जाती हैं। पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए निशुल्क पुस्तकें यहां पर मिलते हैं। जहां तमाम प्रधान सरकार से धन का रोना रोया करते हैं। वही जनता की समस्याएं निपटाने में भी आनाकानी करते हैं ।वही ऐसे प्रधान न सिर्फ प्रधानों के लिए मिसाल हैं बल्कि देश व प्रदेश में भी इनके कार्यो की सराहना की जाती है । इससे न सिर्फ उनका बल्कि उनके जिले का भी नाम रोशन होता है।
