हरदोई: प्रेमी युगल का फंदे से लटकता मिला शव, शादी तय होने के बाद भी प्रेमी से बात करती रही प्रेमिका

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। बिरादरी के बंधन में बंधे प्रेमी और उसकी प्रेमिका ने एक ही रस्सी से लटककर जान दी। दोनों के शव प्रेमिका के चाचा के खाली पड़े मकान में लटकता देखा गया। इसकी जानकारी लगते ही वहां कोहराम मच गया। बताते हैं कि प्रेमिका के घर वालों ने उसकी शादी तय कर दी थी। लेकिन शादी तय होने के बाद भी दोनों का आपस में बातचीत करना नहीं रुका। इसका पता होते ही एसपी राजेश द्विवेदी व एएसपी पश्चिमी दुर्गेश कुमार सिंह वहां पहुंचे। एसपी श्री द्विवेदी ने बताया है कि मामला आत्महत्या का है। फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

बताया गया है कि सोमवार की अलल सुबह बेहटा गोकुल थाने के चन्द्रपुर खैराई निवासी 25 वर्षीय रोहित पुत्र गुड्डू और वहीं की 20 वर्षीय संगीता पुत्री रामनरेश शर्मा के शव संगीता के चाचा के खाली पड़े मकान में फांसी पर लटकते हुए देखे गए। दोनों के शव एक ही रस्सी से बंधे हुए थे। इसका पता होते ही एसएचओ बेहटा गोकुल रंधा सिंह अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। उसी बीच एसपी राजेश द्विवेदी, एएसपी पश्चिमी दुर्गेश कुमार सिंह और सीओ हरपालपुर विनोद कुमार दुबे पहुंच गए।

पुलिस अफसरों ने वहां छानबीन की और दोनों के बारे में पूछताछ की गई। बताते हैं कि रोहित और संगीता के बीच करीब डेढ़ साल से प्यार चल रहा था। इसका पता होने पर घर वालों ने संगीता की शाहजहांपुर से शादी तय कर दी थी। उधर प्रेमी रोहित और उसकी प्रेमिका संगीता ने आपस में तय कर लिया था कि भले ही बिरादरी के बंधन की वजह से जीते जी एक न हों सकें, लेकिन मरने के बाद एक होंगे।

इस कसम को निभाने के लिए दोनों रविवार की देर रात किसी तरह अपने घर वालों से आंख बचा कर वहां से निकल कर खाली पड़े मकान में पहुंचे और वहीं एक साथ एक ही रस्सी से लटक कर आत्महत्या कर ली। इसका पता होते ही इलाके में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्ज़े में लेते हुए उनका पोस्टमार्टम कराया है। इस बारे में एसपी श्री द्विवेदी का कहना है कि मामला आत्महत्या का है, लेकिन फिर भी इससे जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी। साथ ही तहरीर आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नाते-रिश्तेदारों के यहां बांटे जा चुके थे शादी के कार्ड
बेहटा गोकुल। संगीता की शादी शाहजहांपुर ज़िले के ज़रीनपुर निवासी कुलदीप कुमार पुत्र सुखदेव शर्मा के साथ तय हुई थी। 2 दिसंबर को बारात आनी थी। रिश्ते-नातेदारों के यहां शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके थे। बड़े ज़ोर-शोर से शादी की तैयारियां की जा रही थी। लेकिन इसी बीच सोमवार की अलल सुबह जो हुआ, उससे शादी की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई।

पिता की मौत के बाद मां ने की थी परवरिश
बेहटा गोकुल। चन्द्रपुरी खैराई निवासी नरेश विश्वकर्मा की मौत हो गई थी। नरेश की पत्नी ने किसी तरह अपने बच्चों की परवरिश की। जिस मां ने इतने लाड़-प्यार से अपनी बेटी को पाल-पोस कर बड़ा किया,वहीं बेटी जीते जी और फिर मरने के बाद भी सभी को शर्मसार कर देंगी,इस बारे में उसने शायद कभी सोंचा भी नहीं था। गांव के लोग ऐसा ही कह रहें हैं।

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