जनरथ बस बनी आग का गोला, बाल-बाल बचे सभी 36 यात्री, घंटों लगा रहा जाम
वाराबंकी/लखनऊ। राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर चल रही कैसरबाग डिपो की एक बस में अचानक शॉर्ट सर्किट के बाद भीषण आग लग गई। आग लगते ही बस पर सवार 36 लोग जब तक बस से नीचे उतर कर आए। तब तक बस जलकर आग का गोला बन चुकी थी। घटना की जानकारी पर फायर ब्रिगेड व पुलिस टीम ने पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। जिसमें आग से घिरी बस को काबू पाने में फायर कर्मियों को एक घंटे से अधिक का समय लग गया। जिससे हाईवे पर कई किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा। इसमें आवश्यक वाहन भी जूझते नजर आए।
शहर कोतवाली की मोहम्मदपुर चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर निजी होटल के सामने कैसरबाग डिपो की बस में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। इस दौरान बस पर चालक मुकेश कुमार पुत्र श्री प्रकाश निवासी गोधना थाना इटौंजा व परिचालक ऋषि बाजपेई पुत्र दुर्गा प्रसाद निवासी ठाकुरगंज जनपद लखनऊ, और अन्य यात्री विशाल यादव(23) कृति यादव(18), राहुल(24) शिव कुमार निषाद(25), सोनू (21) सहित बहराइच जिले के 36 यात्री सवार थे। जिन्होंने आनन-फानन में बस से कूद कर अपनी जान बचाई। इसमें महिलाएं व किशोरियां भी शामिल है। बस में बैठे यात्रियों ने आरोप लगाते हुए कहा अगर बस में लगा फायर यंत्र समय पर काम कर जाता तो इस बड़ी दुर्घटना से बचा जा सकता था।
फायर यंत्र चलाने तक में रहे असमर्थ
बस में सवार यात्री शिव कुमार निषाद निवासी बहराइच ने बताया की बस में शुरुआत में शॉर्ट सर्किट से मात्र धुआं निकला था। इस पर बस में लगे फायर सिलेंडर को लेकर जब चालक और परिचालक मौके पर पहुंचे तो काफी देर चली मशक्कत के बाद भी फायर यंत्र न चला सके। जिसके बाद शिवकुमार ने उसे ऑपरेट किया लेकिन फायर यंत्र पुराना होने के चलते आग पर इतना असर नहीं कर पाया। जिसके बाद देखते-देखते चंद मिनटों में कई लाख की बस जलकर राख हो गई। जिससे सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा है। अगर समय पर यंत्र का प्रयोग सही तरह से हो जाता तो इस नुकसान से बचा जा सकता था।
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जूझते रहे आवश्यक वाहन
लखनऊ अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग सफेदाबाद में या घटना तकरीबन 11:30 बजे दिन में हुई। जिसके बाद स्थानीय पुलिस व फायर ब्रिगेड की कर्मियों द्वारा शुरू बचाव कार्य में तकरीबन डेढ़ घंटे का समय लगा। इस दौरान सड़क पर सफेदाबाद से चिनहट तक कई किलोमीटर का लंबा जाम लग गया। जिसमें आवश्यक वाहन भी जूझते नजर आए।
निजी होटल कर्मचारियों ने दिखाई दरियादिली
यह घटना जहां हुई, उसके ठीक सामने एक रिहायशी होटल है। जिसके कर्मचारियों ने घटना के बाद तत्परता दिखाते हुए लोगों को बसों के अंदर से निकालना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची दमकल गाड़ियों को पानी की जरूरत होने पर उन्होंने तत्काल पानी की पर्याप्त व्यवस्था कराई। होटल में कार्यरत कर्मचारी लवकुश मिश्रा बताया कि अगर बस से यात्रियों को उतारने में चंद मिनटों की देरी हो जाती। तो यह एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
कई घंटे लगा रहा जाम
बस में आग लगते ही दोनों तरफ से आवागमन तुरंत रोक दिया गया। आग बुझाने के बाद जब आवागमन शुरू कराया गया तब तक दोनों ओर लंबा जाम लग चुका था। जाम का असर लखनऊ के बीबीडी तक देखा गया। लखनऊ से आने वाले वाहनों को जिसके चलते भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जाम की स्थिति कई घंटे तक बनी रही।
"जो बस जलकर राख हुई है। वह कैसरबाग डिपो की है। बस में लगे फायर यंत्रों के पुराने व मौके पर सही से काम न करने का मामला संवेदनशील है। जिसकी जांच सक्षम अधिकारियों के निर्देशन में होगी -राजेश सिंह, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक"।
