रामपुर : 'हम कोर्ट में अपने आप को बेगुनाह साबित नहीं कर सके', आजम खां ने फिर सहानुभूति लेने को फैलाया दामन
शुतरखाना पर हुई जनसभा में आंसू छलकाकर भीड़ का रुख अपनी तरफ मोड़ने का किया प्रयास
रामपुर, अमृत विचार। पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि बच्चों के हाथों में कलम थमाने के लिए यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया और इसके लिए दामन फैलाकर भीख मांगी है। कहा कि हम कोर्ट में अपने आप को बेगुनाह साबित नहीं कर सके। कहा कि मुसलमानों ने इस मुल्क को आजाद कराने के लिए पसीना नहीं बल्कि अपना खून बनाया है आजादी के लिए रेशमी रुमाल तहरीक चलाई।
शुतरखाना में सपा प्रत्याशी आसिम राजा के समर्थन में हुई जनसभा में पूर्व मंत्री ने कहा कि इस मुल्क को आजाद कराने में मुसलमानों ने अपना खून बहाया है। यह हमारा हिन्दुस्तान भी है यह हमारा मुल्क भी है, 1947 में हम भी पाकिस्तान जा सकते थे। लेकिन, हम नहीं गए, क्योंकि यहां दिल्ली की जामा मस्जिद, हमारे बुजुर्गो के मजार और हमारी बुलंदी की यादगार कुतुबमीनार है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मालिके हकीकी के निजाम से बगावत करने वालों, बेगुनाहों को सताने वालों और उनकी जान लेने वालों अल्लाह के कहरों-गजब से नहीं डरोगे तो उसका अजाब नाजिल हो जाएगा।
उन्हों कहा कि जमीन वालों के साथ इंसाफ करो अगर तुम इंसाफ नहीं करोगे तो आसमान वाला इंसाफ करेगा। कहा कि रामपुर को खुशनुमा बनाने की सजा भुगत रहा हूं। उन्होंने कहा कि रामपुर के नाम को दुनिया के नक्शे पर लाया हूं। इसके बाद लोग आजम खां जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। कहा कि 1977 में 19 महीने की जेल काटकर रामपुर लौटा था जब जिंदगी की शुरुआत की और आज जिंदगी के उस मोड़ पर खड़ा हूं जो सबके सामने हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि मुरादाबाद का फसाद हुआ हमारे कान के पास से गोलियां निकलती थीं। लेकिन, कुदरत ने हमारी जान को बचा लिया। कहा कि कोई न कोई आप लोगों में से कोई शख्स पैदा होगा जो इंतकाम लेगा। उन्होंने सपा प्रत्याशी आसिम राजा के साइकिल के निशान का बटन दबाने का सभी से आग्रह किया। इससे पहले मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन, विधायक अब्दुल्ला आजम, जुबैर मसूद खां, आसिम खां और सपा प्रत्याशी आसिम राजा ने जनसभा को संबोधित किया।
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