Banda News: भाग्य आजमाने को आतुर धुरंधर अब कोस रहे अपनी किस्मत, चेयरमैन पद पर आरक्षण ने बिगाड़ दी चुनाव की गणित

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Edited By Amrit Vichar
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Banda News बांदा में चेयरमैन पद पर आरक्षण ने बिगाड़ दी चुनाव की गणित।

Banda News बांदा में भाग्य आजमाने को आतुर धुरंधर अब अपनी किस्मत को कोस रहे है। वहीं, चेयरमैन पद पर आरक्षण ने चुनाव की गणित बिगाड़ दी है। प्रचार में लाखों गवां देने वालों के चेहरों पर उदासी छाई है।

बांदा, अमृत विचार। नगर पालिका चेयरमैन बनने का सपना देख रहे तमाम सियासी धुरंधरों के सपने उस समय एक ही झटके में चकनाचूर हो गये, जब मंडल मुख्यालय की प्रतिष्ठित बांदा नगर पालिका सीट को शासन ने पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया।

ऐसे तकरीबन दो दर्जन संभावित दावेदार जो निकाय चुनाव में अपना भाग्य आजमाने को आतुर थे, अब अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। आरक्षण सूची जारी होते ही उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि पिछले एक वर्ष से यह सियासी धुरंधर जनसंपर्क और प्रचार में लाखों रुपए पानी की तरह बहा चुके हैं।

बांदा नगर पालिका परिषद में चेयरमैन की सीट पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार के लिए आरक्षित हो गई है। सोमवार की देर शाम जैसे ही आरक्षण सूची के अनंतिम प्रकाशन का ऐलान हुआ। जिले की सियासत में हलचल मच गई। अनारक्षित सीट के हिसाब से चुनाव की तैयारियों में जुटे सियासी वीरों में मायूसी छा गई।

वहीं आरक्षण से गदगद पिछड़े वर्ग के नेताओं के चेहरे खुशी से खिले हुए दिखाई पड़े। सीट अनारक्षित होने की स्थिति में सत्ताधारी भाजपा से करीब दो दर्जन से अधिक संभावित दावेदारों ने काफी पहले से ही होर्डिंग, पोस्टर आदि से पाट दिए थे, ऐसा ही कुछ हाल सपा, कांग्रेस से चुनाव लड़ने का मन बनाए लोगों में ही रहा। आरक्षण का ऐलान होते ही होर्डिंग वीर नेताओं के चेहरों में मायूसी स्पष्ट दिखने लगी है।

पिछले एक साल से चुनाव की तैयारियों में जुटे सामान्य वर्ग के तमाम चेहरे सभी तरह से सामाजिक व राजनैतिक कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति की दम पर ताल ठोक रहे थे। जबकि मुख्य विपक्षी सपा से मौजूदा चेयरमैन मोहन साहू ही अगले दावेदार के रूप में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। लेकिन राज्यपाल से बर्खास्त चेयरमैन की उम्मीदवारी पर अभी भी संशय बरकरार है। सभी दलों के पिछड़ा वर्ग उम्मीदवारों ने अपने आकाओं के यहां दौड़ लगानी शुरू कर दी।

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