नक्सलवाद को मात: इस गांव में आदिवासी बच्चे पढ़ रहे हैं अंग्रेजी, आजादी के बाद पहली बार पहुंची बिजली
सुकमा। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर क्षेत्र में अब शनैः शनैः शिक्षा के प्रति रूझान को देखते हुए अतिसंवेदशील इलाकों में लगातार स्कूल खुलने के बीच छोटे-छोटे बच्चे भी अंग्रेजी पढ़ रहे हैं। अधिकारिक जानकारी के अनुसार सुकमा जिला मुख्यालय से 72 किलोमीटर दूरी पर बसा पोटकपल्ली गांव नक्सलियों की दहशत के कारण अब तक शिक्षा से दूर था। अब गांव में स्कूल खुला और बच्चों ने पढ़ई शुरु की। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे अंग्रेजी पढ़ रहें हैं। गांव के प्रमुख हिड़मा जोगा ने बताया कि एक समय था जब इस गांव तक पहुंच पाना मुश्किल सा था।
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गांव तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग भी नहीं था। सबसे पहले सुरक्षाबलों ने अथक प्रयास करके कैम्प स्थापित किया। फिर जिला व पुलिस प्रशासन के प्रयास से गांव तक सड़क निर्माण का कार्य कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। गांव में जिला प्रशासन ने स्कूल खोला और शिक्षादूत की नियुक्ति की। इसका असर दिखा कि अब यहां बच्चे जो स्कूल जाने से पहले वंचित थे वो अब अंग्रेजी पढ़ रहे हैं। इस गांव में जिला व पुलिस प्रशासन के प्रयास से आजादी के बाद पहली बार बिजली भी पहुंची। सुरक्षा बलों के जवान नक्सलियों से लोहा लेने के साथ बच्चों को पढ़ाते भी हैं।
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