बरेली: गंभीर हालत में परिजन लगाते रहे अस्पतालों के चक्कर, मरीज की हो गई मौत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

जिला अस्पताल में मरीजों को बरगलाकर निजी अस्पताल भेजे जाने के मामला फिर हुआ उजागर

बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को यहां से निजी अस्पताल भेजे जाने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पीलीभीत जिले के पूरनपुर निवासी इस्तिखार गंभीर रूप से जल गए थे। बीते 1 दिसंबर को परिजन उनको जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर आए। इस्तिखार को बर्न वार्ड में भर्ती किया गया था।

परिजनों के मुताबिक, वहां पंकज नामक युवक ने कहा कि जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं होता है। उसने परिजनों को एक निजी अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने को कहा। घरवाले इस्तिखार को निजी अस्पताल ले गए जहां इलाज के दौरान करीब 1.5 लाख रुपये भी खर्च हो गए, लेकिन इस्तिखार की तबियत में सुधार नहीं हुआ। परेशान परिजन उसे फिर जिला अस्पताल लेकर आए, वहां थोड़ी देर बाद ही उसकी मृत्यु हो गई।

एक दिन बाद दिखाना आयुष्मान कार्ड: परिजनों का कहना है कि उनके पास आयुष्मान कार्ड भी था लेकिन दलाल पंकज ने कहा था कि मरीज का एक दिन तक इलाज हो जाने के बाद ही आयुष्मान कार्ड दिखाना है। परिजनों ने पंकज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और प्रार्थना पत्र दिया है। हालांकि अधिकारी मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

मृतक के परिजनों ने लिखित शिकायत की है। मामले की जांच कराई जाएगी। इस संबंध में जिला अस्पताल के एडीएसआईसी को भी पत्र भेजकर सहयोग मांगा जाएगा। - डॉ. हरपाल सिंह, एसीएमओ प्रशासन

ये भी पढ़ें - बरेली: 18 स्वास्थ्य कर्मचारी लगे सीएम ड्यूटी में, ओपीडी में मरीज हुए परेशान

संबंधित समाचार