लखनऊ: सीरियल किलर भाईयों को कोर्ट ने सुनाई सजा, 16 साल पुराने गैंगस्टर मामले में आया फैसला
सलीम, रुस्तम और सोहराब को कठोर कारावास की सजा
लखनऊ, अमृत विचार। संगठित गिरोह बनाकर जनता में दहशत फैलाने,आर्थिक लाभ लेने के लिए अपराध करने के आरोपी तिहाड़ जेल में बंद सीरियल किलर भाइयों सलीम, रुस्तम और सोहराब को 16 साल पुराने गैंगस्टर के मामले में सजा सुनाई गई। गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद ग़ज़ाली ने सीरियल किलर भाइयों सलीम,रुस्तम और सोहराब को दोषी ठहराते हुए सात सात साल के कठोर कारावास और दस दस हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने कहा कि अगर आरोपी जुर्माना नही जमा करते है तो उन्हें दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
कोर्ट ने तीनो भाइयों को दोषी ठहराते हुए कहा कि आरोपियों का एक संगठित गिरोह है जिसके सदस्यों के अपराध से क्षेत्र में अशांति बनी हुई है और आरोपियों के आतंक और जान के डर से कोई व्यक्ति आरोपियों के खिलाफ किसी मुकदमे में गवाही देने की हिम्मत नही करता है। कोर्ट ने आगे कहा कि आरोपियों का कोई विरोध या सामना करने की भी हिम्मत नही करता।
इसके पहले जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी और वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अवधेश सिंह ने कोर्ट को बताया कि तत्कालीन कैंट थाना प्रभारी जावेद अहमद ने 15 दिसम्बर 2006 को आरोपियों का गैंग चार्ट बनाकर जिलाधिकारी से अनुमोदन लेकर गैंगस्टर की कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया गया कि वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया था कि आरोपी सलीम,रुस्तम और सोहराब ने एक संगठित गिरोह बनाया है जो अपने और अपने साथियो के आर्थिक लाभ के लिए हत्या जैसे अपराध करते है और समाज विरोधी क्रियाकलापों व आपराधिक मामलों में संलिप्त है।मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना कर आरोपियो के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने जहा कुल 18 गवाहो कि गवाही दर्ज कराई।हालांकि इस मामले में अभियोजन की ओर से पेश किया गया गवाह फरीद,इकबाल,डॉ आसिफ अली,मोहम्मद रफी और असरफ अपने बयान से मुकर गये थे ,उन्होंने कोर्ट में अपने रिश्तेदारों के हत्यारे के रूप में आरोपियो को पहचानने से इनकार कर दिया था।वही रिपोर्ट न दर्ज कराने का भी बयान दिया था लेकिन पुलिस के गवाहो ने अभियोजन पक्ष का समर्थन किया।कोर्ट में आरोपियो को दंडित करने की मांग करते हुए अभियोजन की ओर से कहा गया कि आरोपी सलीम का आचरण मुकदमे की सुनवाई के दौरान भी अच्छा नही था और वह कोर्ट में पेशी पर आने के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार हो चुका है।
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