मथुरा: बांके बिहारी की व्यवस्था परखने आए HC के रिटायर्ड जज, कॉरिडोर बनने की ओर किया इशारा
मथुरा, अमृत विचार। वृन्दावन स्थित प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधन और उचित रखरखाव की कार्ययोजना को परखने के लिए उच्च न्यायालय द्वारा नामित सेवानिवृत न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीरनारायण अग्रवाल ने शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मंदिर के गोस्वामी समाज और व्यापारी वर्ग से विस्तृत चर्चा की।
यह भी पढ़ें- मथुरा: SSP ने सात थाना प्रभारी बदले, संजीव कुमार दुबे को भेजा छाता कोतवाली
गोस्वामी समाज एवम व्यापारी वर्ग ने मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर की रूपरेखा पर आपत्ति दर्ज कराई है। ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के दृष्टिगत याची अनंत शर्मा द्वारा उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना को परखने के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुधीर नारायण अग्रवाल को नामित किया है।
शुक्रवार की शाम मंदिर परिसर के निरीक्षण के बाद श्री अग्रवाल शनिवार को टूरिस्ट फेसिलिटी सेंटर में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गोस्वामी समाज और व्यापारी वर्ग से मुखातिब हुए। गोस्वामी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने शासन द्वारा प्रस्तावित कॉरिडोर की रूपरेखा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कोरिडोर के नक्शे व अन्य प्रस्तावों को मंजूरी देने से पहले मंदिर के सेवायत गोस्वामी समाज और स्थानीय लोगों से सामंजस्य बनाया जाए।
जिससे मंदिर की परंपरा और धार्मिक नगरी की प्राचीनता बरकरार रह सके। गोस्वामी समाज के अनुसार प्रशासन अभी तक व्यवस्थाओं को थोपने का कार्य कर रहा है। इसी क्रम में व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधिमंडल ने भी कॉरिडोर के संभावित नक्शे को अनुचित ठहराते हुए सर्वसम्मति से योजना बनाने की बात कही।
यह भी पढ़ें- मथुरा: Scientists ने Frozen Semen से बकरी का कृत्रिम गर्भाधान कराने में सफलता हासिल की
