एकेटीयू: थ्रीडी बायोप्रिंटिंग तकनीक स्वास्थ्य क्षेत्र में ला सकता है क्रांतिकारी बदलाव
अमृत विचार लखनऊ। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में सोमवार को थ्री डी बायोप्रिंटिंग बनाने वाली स्वीडन की कंपनी सेल इंक की एशिया पेशोफिक की हेड टुमोको बाइलेंड ने कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार मिश्र से मुलाकात की। बैठक में यूपी में थ्री डी बायोप्रिंटिंग तकनीक की संभावनाओं और उपयोगिता पर चर्चा हुई। कंपनी की हेड टुमोको ने थ्री डी बायोप्रिंटिंग की स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों में बढ़ती जरूरत के बारे जानकारी दी। बताया कि थ्री डी प्रिंटिंग के जरिये स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है।
इस तकनीकी का प्रयोग दवा की जांच से लेकर नई दवाओं की खोज, मानव शरीर के टिश्यू को परत दर परत प्रिटिंग तकनीक बनाना, रिजनरेटिंग इंजीनियरिंग में होता है। साथ ही थी्र डी प्रिंटिंग में छात्रों को प्रशिक्षित भी किया जा सकता है। इस मौके पर कुलपति प्रो0 प्रदीप कुमार मिश्र ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि निश्चित ही इस तकनीक के जरिये कई सारे बदलाव आ सकते हैं। उन्होंने भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करने के साथ ही सहयोग देने की इच्छा जताई। इसके बाद टुमोको ने प्रोफेसर बीएन मिश्रा के साथ सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज स्थित नैनो टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस सहित अन्य लैब को देखा। उनके साथ कंपनी के नेशनल सेल्स हेड रूपक पोद्दार भी थे।
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