लखनऊ: 45 साल पुराने हत्या के प्रयास मामले में दो दोषी करार, तीन अभियुक्तों की हो चुकी है मृत्यु
लखनऊ, विधि संवाददाता। हत्या के प्रयास के एक मामले में 45 साल बाद आखिरकार अभियुक्तों को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश लोकेश वरुण ने अभियुक्त बृजलाल व पुत्ती लाल को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास व प्रत्येक को 11 हजार रूपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के समक्ष तर्क प्रस्तुत करते हुए एडीजीसी अभय त्रिपाठी का कहना था कि इस मामले की रिपोर्ट 45 साल पहले 21 अगस्त 1977 को वादी राम औतार ने थाना काकोरी में दर्ज कराई थी।
वादी ने पुलिस रिपोर्ट में कहा कि घटना वाले दिन रात्रि साढ़े आठ बजे वह अपने भाई की दवा लेने के लिए दुर्गागंज जा रहा था, तभी गांव के पूरब चौक रोड के पास तालाब पर पहुंचा तो वहां पेड़ के पास संकटा प्रसाद, पुत्ती लाल, छोटे लाल, बृजलाल व लक्ष्मण प्रसाद ने वादी को रोका तथा सभी ने एक राय होकर हमला कर दिया। बहस के दौरान अदालत को बताया गया कि हमला करने के दौरान अभियुक्त संकटा ने तमंचे से वादी पर फायर कर दिया जो उसके दाहिने पैर में लगा।
यह भी कहा गया कि घटना के समय अन्य आरोपियों के पास लाठियां थीं। यह घटना संकटा से कुछ दिन पूर्व वादी की जानवरों को लेकर कहासुनी के कारण हुई थी। अदालत ने कहा है कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में सफल रहा है। मामले में निर्णय सुनाए जाने के पूर्व तीन अभियुक्तों की मृत्यु हो चुकी थी जबकि मौजूदा अभियुक्त भी काफी उम्र के हो चुके हैं।
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