यूपी में पोषण पंचायत' सुधारेगी महिलाओं व बच्चों की सेहत, एक्सपर्ट कमेटी देगी सुझाव, नौ थीम पर होगा काम
अमृत विचार लखनऊ। अब ग्रामीण इलाकों में महिलाओं व बच्चों की सेहत 'पोषण पंचायत' लगाकर सुधारी जाएगी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साथ पंचायती राज विभाग काम करेगा, जो गांव में सभाएं आयोजित कर महिलाओं व बच्चों की उपस्थिति में उन्हें पोषण संंबंधित जानकारी देगा, जिससे की दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहे। खान-पान, नियमित टीकाकरण के साथ पर्यावरण की जानकारी देकर फायदे व नुकसान बताए जाएंगे, जिसका सीधे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। अभियान के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनेगी, जो छह माह में तीन सभाएं अनुभव साझा करेगी।
पंचायती राज विभाग नौ विषय पर करेगा काम
पंचायत राज विभाग नौ विषय गरीबी मुक्त एवं आजीविका उन्नत गांव, स्वस्थ्य गांव, बाल हितैषी गांव, पर्याप्त जल युक्त गांव, स्वच्छ और हरा-भरा गांव, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाला गांव, सामाजिक रूप से सुरक्षित व न्यायसंगत गांव, सुशासन वाला गांव व महिला हितैषी गांव पर काम करेगा, जो स्वास्थ्य, समाज व पर्यावरण से संबंधित विषय हैं।
मानकों में सुधार के करेंगे प्रयास
पोषण पंचायत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का कार्यक्रम है, जिसका मकसद बच्चे पूर्ण विकसित होने तक अपने अस्तित्व, विकास, भागीदारी और सुरक्षा के अधिकारों के प्रति सक्षम बनें। इसी तरह महिला हितैषी गांव जिसकी परिकल्पना लैंगिक समानता प्राप्त करना, एक समान अवसर व महिलाओं व बालिकाओं का सुरक्षित वातावरण देना है। साथ ही महिला व किशोरी स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, रोजगार एवं सहभागिता के मानकों में सुधार के अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे।
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गांव-गांव सभाएं आयोजित कर विशेषज्ञों के माध्यम से पोषण संबंधित जागरूकता लाएंगे। इससे महिलाओं व बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। जल्द कमेटी बनाकर अभियान शुरू करेंगे।
- शाश्वत आनंद सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, लखनऊ
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