बरेली: जरूरत 300 निजी बसों की, सिर्फ सात से हुआ अनुबंध
बरेली, अमृत विचार। निजी बस संचालक रोडवेज में बसे अनुबंधित करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। जबकि शासन की तरफ से रोडवेज में 75 प्रतिशत बसें अनुबंधित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। कई बार बैठक करने के बाद भी निजी बस संचालक बसों को रोडवेज में अनुबंधित नहीं कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रमुख सचिव एल वेंकटेश्वर लू ने 15 अक्टूबर को निगम के बेड़े में अनुबंधित बसों की संख्या 25 से बढ़ाकर 75 फीसदी करने के आदेश दिए थे।
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यह भी निर्देश दिए कि अनुबंधित बसों को सप्ताह में चार दिन ज्यादा लाभ तथा दो दिन कम लाभ के रूटों पर चलने का मौका मिलेगा। परिवहन निगम की बसों की स्थिति बहुत खराब है और मुख्यमंत्री ने सुधार के निर्देश दिए हैं। बसों में यात्रियों के सुखद अनुभव के लिए सीटें और सफाई अच्छी होनी चाहिए।
प्रमुख सचिव का आदेश पर रोडवेज और संभागीय परिवहन विभाग के अफसरों ने बस मालिकों के साथ कई चरण में वार्ता करके अनुबंध पर बस चलाने के लिए वार्ता कर रहे है। लेकिन निजी बस संचालक अपनी बसे रोडवेज में अनुबंधित नहीं कर रहे है।
जिसको लेकर रोडवेज और आरटीओ के अधिकारी भी प्राइवेट बस संचालकों से बात नहीं पा रही है। आरएम दीपक चौधरी ने बताया लगभग 300 बसों की जरूरत होगी। जिसमें से सात बसों के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। अन्य बसों के लिए प्राइवेट बसों के मालिकों से वार्ता की जा रही है।
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